इंफाल स्थित रीजनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में दूसरे दिन भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा। गुरुवार को तनाव उस समय बढ़ गया, जब एमबीबीएस के छात्रों ने लगातार दूसरे दिन कड़ी धूप में छतरियां ओढ़कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र निदेशक, डीन और उप-डीन को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, छात्रों का आरोप है कि निदेशक ने उनके खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का उपयोग किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, निदेशक ने कथित रूप से छात्रों से कहा कि वे निर्वस्त्र होकर नाचें, आत्महत्या कर लें या फिर वह उन्हें फांसी पर लटका देंगे। छात्रों का कहना है कि इन टिप्पणियों से वे मानसिक रूप से आहत हुए हैं, जिससे पूरे कैंपस में आंदोलन फैल गया है।
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विरोध प्रदर्शन में हाथों में तख्तियां
गुरुवार एक बार फिर रिम्स कैंपस में एकत्र होकर छात्रों ने अपनी आवाज उठाई। उन्होंने अपने हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं, जिन पर लिखा था- निदेशक हमें निर्वस्त्र क्यों करना चाहते हैं। हम सजा स्वीकार करते हैं, उत्पीड़न नहीं। हम लड़कियों के यौन उत्पीड़न की निंदा करते हैं। हम निदेशक, डीन और उप-डीन को हटाने की मांग करते हैं। छात्रों ने डीन और उप-डीन पर भी मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का यह आंदोलन थमता हुआ नहीं दिख रहा है और वे अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
दूसरी ओर, रिम्स इंफाल ने उन छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाईके संबंध में एक स्पष्टीकरण जारी किया है, जिन पर अनुशासनहीनता और गलत व्यवहार का आरोप है। बुधवार को रिम्स मीडिया प्रकोष्ठ की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, 29 अप्रैल को संस्थान के कुछ शिक्षकों से मौखिक शिकायतें मिली थीं कि कुछ छात्र 30 अप्रैल (जो कि कार्य दिवस था) को कक्षा छोड़कर पिकनिक की योजना बना रहे थे। राज्य की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए और 30 अप्रैल को कार्य दिवस होने के कारण, रिम्स छात्र संघ के पदाधिकारियों सहित छात्रों को पिकनिक पर न जाने की चेतावनी दी गई थी।
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हालांकि, अगले दिन यह पता चला कि कुछ छात्र चेतावनियों और निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए पिकनिक पर चले गए। इस संबंध में, कुछ छात्रों के खिलाफ 15 दिनों तक कक्षा से निलंबन, जुर्माना और घर पर रहने के निर्देश जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई, जब तक कि वे दोबारा कक्षाएं अटेंड न करें।