मणिपुर पुलिस ने राज्य पुलिस के एक अधिकारी पर हमले के बाद गुरुवार को हमलों और जबरन वसूली जैसे अपराधों में शामिल कट्टरपंथी मैतेई समूह अरामबाई टेंगोल (एटी) को सख्त चेतावनी दी है। पुलिस ने अन्य असामाजिक समूहों को चेताया है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सेना और अन्य केंद्रीय बलों की तैनाती को बढ़ाया जाएगा।
पुलिस ने जारी किया बयान
मणिपुर पुलिस ने सख्त बयान जारी कर यह भी कहा कि राज्य पुलिस एक तटस्थ बल है और किसी भी समुदाय के खिलाफ या पक्ष में काम नहीं करता है। राज्य पुलिस जनता के जीवन और संपत्तियों की रक्षा व सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। जनता को गुमराह नहीं होना चाहिए और राज्य में शांति और सौहार्द वापस लाने में मणिपुर पुलिस की मदद करनी चाहिए।
पुलिस ने दी सख्त चेतावनी
बयान में कहा गया कि आने वाले दिनों में तलाशी अभियान जारी रहेगा और आपराधिक गतिविधियों के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अगर मणिपुर पुलिस को निशाना बनाया जाता है तो सेना और अन्य केंद्रीय बलों की तैनाती को बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी।
मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पर हुआ था हमला
दो दिन पहले मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोइरांगथेम अमित सिंह पर कथित रूप से एटी सदस्यों ने हमला किया था, जिसके मद्देनजर यह बयान आया है। मणिपुर पुलिस ने बयान में कहा कि पुलिस बल के शीर्ष से लेकर निचले पद तक सभी कर्मी एकजुट हैं और किसी भी अधिकारी या कर्मी पर किसी भी प्रकार का हमला या फिर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर निशाना बनाने के काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसे गंभीरता से लिया जाएगा और उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मणिपुर में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के तीन सदस्य गिरफ्तार
मणिपुर पुलिस ने इंफाल वेस्ट जिले से प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन केसीपी-एन के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि इस बात का संदेह है कि उनके पास से जो हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं वे पूर्व में सुरक्षा बलों से लूटे गए थे।
मणिपुर में बार-बार हिंसा की घटनाएं हो रहीं
पिछले साल मई में पहली बार दो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू होने के बाद से मणिपुर में बार-बार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। हिंसा की घटनाओं में अब तक कुल मिलाकर 219 लोग जान गंवा चुके हैं।