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मणिपुरः पूसी रेलवे ने रचा इतिहास,  दुनिया के सबसे ऊंचे स्तंभ ब्रिज पर की गर्डर लॉन्चिंग

Thu, 29 May 2025 08:37 PM IST
राहुल कुमार एन. अर्जुन, मालीगांव (गुवाहाटी)

सार

मणिपुर में नोनी ब्रिज के पर ब्रिज संख्या 164 पर सफल गर्डर लॉन्चिंग करके इतिहास रच दिया है। 141 मीटर ऊंचा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्तंभ ब्रिज, नोनी ब्रिज एक इंजीनियरिंग चमत्कार माना जाता है, जो 111 किलोमीटर लंबी जिरिबाम-इंफाल रेलवे लाइन परियोजना का एक अभिन्न हिस्सा है।
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नोनी ब्रिज - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसी रेलवे) ने मणिपुर में नोनी ब्रिज के पर ब्रिज संख्या 164 पर सफल गर्डर लॉन्चिंग करके इतिहास रच दिया है। 141 मीटर ऊंचा दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्तंभ ब्रिज, नोनी ब्रिज एक इंजीनियरिंग चमत्कार माना जाता है, जो 111 किलोमीटर लंबी जिरिबाम-इंफाल रेलवे लाइन परियोजना का एक अभिन्न हिस्सा है।

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मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि हाल ही में पुल के अंतिम स्पैन को सफलतापूर्वक स्थापित किया गया, जिससे इस बुनियादी ढांचे वाली परियोजना के सभी आठ हिस्सों का निर्माण पूरा हो गया। यह उपलब्धि पुल के निर्माण में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है, जो न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण कड़ी भी है।

इस पुल को वैश्विक स्तर पर अलग बनाने वाली बात है इसके रिकॉर्ड तोड़ स्तंभ- पी3 और पी4, जिनमें से प्रत्येक की ऊंचाई आश्चर्यजनक 141 मीटर है, जो इसे दुनिया के सबसे ऊंचे पुल स्तंभ की संज्ञा देते हैं। पुल में 1x71.5मीटर + 5x106मीटर + 1x71.5मीटर + 1x30मीटर के रूप में व्यवस्थित स्टील स्पैन शामिल हैं। यह रणनीतिक डिज़ाइन संरचनात्मक स्थिरता और चुनौतीपूर्ण भूभाग एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता दोनों सुनिश्चित करता है, जो क्षेत्रीय संपर्क और विकास को बढ़ाने में पुल के महत्व को सुदृढ़ करता है।
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इस क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय और जलवायु चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया यह पुल दुर्गम पहाड़ी इलाकों और गहरी घाटियों में फैला हुआ है। इसके सुपरस्ट्रक्चर लॉन्चिंग का सफल समापन भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में अथक परिश्रम करने वाली टीमों के समर्पण, नवाचार और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता को दर्शाता है। लॉन्चिंग कार्य का सफल समापन सावधानीपूर्वक योजना, अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों और पू. सी. रेलवे की पूरी टीम के समर्पण के माध्यम से संभव हुआ है।

उन्होंने बताया कि जिरिबाम-इंफाल नई रेलवे लाइन परियोजना, पूर्वोत्तर क्षेत्र के महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक है। जिरिबाम - खोंगसांग सेक्शन सितंबर 2022 में पहले ही चालू हो चुका है। 55.36 किलोमीटर से अधिक लंबे जिरिबाम-खोंगसांग सेक्शन पर वर्तमान में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए नियमित मालगाड़ियाँ खोंगसांग तक चलती हैं। जैसे-जैसे परियोजना आगे बढ़ेगी, आने वाले वर्षों में खोंगसांग-नोनी (18.25 किलोमीटर) और नोनी-इंफाल (37.02 किलोमीटर) सेक्शन को चालू किया जाएगा। परियोजना पूर्ण होने पर, जिरिबाम-इंफाल रेलवे लाइन मणिपुर की कनेक्टिविटी का कायाकल्प कर देगी, जिससे आर्थिक वृद्धि और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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