वरिष्ठ एनपीएफ नेता और नागालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग (फाइल फोटो)
नागा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) ने मणिपुर में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वांगबोऊ नेवामी ने रविवार को बताया कि भाजपा छोटे दलों को हेय दृष्टि से देख रही थी। इसलिए एनपीएफ को मजबूरी में समर्थन वापस लेने का फैसला करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस फैसले को 23 मई को चुनाव प्रक्रिया खत्म होने के बाद लागू किया जाएगा। नेवामी ने भाजपा पर कई मामलों में वादाखिलाफी का आरोप लगाया है।
दूसरी ओर, भाजपा ने कहा है कि एनपीएफ के समर्थन वापस लेने से सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पडे़गा। राज्य की 60-सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 29 विधायक हैं। इसके अलावा उसे तीन अन्य विधायकों का भी समर्थन हासिल है। सदन में एनपीएफ के चार सदस्य हैं।
बता दें कि साल 2017 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 29 सीटें मिली थीं। लेकिन बाद में उसके आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।