मणिपुर के चंदेल जिले में बृहस्पतिवार को घात लगाकर किए गए दो उग्रवादी हमलों में तीन जवान शहीद हो गए जबकि नौ अन्य घायल हुए हैं। मृतकों में मणिपुर पुलिस का एक कमांडो और दो सिपाही शामिल हैं। ये हमले पर्वर्तीय जिले के लाकचाओ और बोंगयांग इलाके में रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) को निशाना बनाकर किए गए।
सरकार के सात नए जिले बनाने के फैसले के खिलाफ चार नगा जिलों के मुख्यालय में यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित रैली से भी हमलों का कनेक्शन जोड़ा जा रहा है। पहला हमला लोकचाओ में हुआ जहां राज्य के मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह को नवगठित जिले तेंगनोउपाल के उद्घाटन संबंधी कार्यक्रम में शिरकत करनी थी।
यह जिला नगा बाहुल्य चंदेल जिले के कुछ हिस्सों को काटकर बनाया गया है। नगा बाहुल्य दो अन्य जिलों सेनापति और उखरूल को काटकर बनाए गए कांगपोकपी जिले के उद्घाटन कार्यक्रम में भी सीएम को शामिल होना था।
बताया जा रहा है कि हमले के बावजूद सीएम ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और कहा, ‘मणिपुर पुलिस पर हमले करने से कोई फायदा नहीं होगा। सभी मतभेद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए।’
बोंगयांग में हुए दूसरे हमले में मारे गए कमांडो की पहचान हवलदार येंगखोम जीवन के रूप में हुई है। जबकि जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान अयुब खान और नांगलेई चारंग के रूप में हुई है।