पूरे देश की निगाहें भले उत्तर प्रदेश के चुनावी नतीजों पर लगी हों, कम से कम एक पार्टी और एक व्यक्ति तो ऐसा है जिसे पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के नतीजों का भी बेसब्री से इंतजार है। नतीजों से एक दिन पहले लगातार तीन बार कांग्रेस सरकार की अगुवाई कर चुके मुख्यमंत्री इबोबी सिंह और सत्ता की प्रमुख दावेदार के तौर पर उभरी भाजपा को धड़कते दिल और बेचैन निगाहों से नतीजों का इंतजार है।
यही एकमात्र ऐसा राज्य था जहां एक पार्टी यानी भाजपा का मुकाबला एक व्यक्ति यानी इबोबी सिंह से था। ऐसे में नतीजों से एक दिन पहले दोनों पक्षों की धड़कने बढ़ना लाजिमी है। इस चुनाव में इबोबी की साख दांव पर थी तो दूसरी ओर भाजपा की नाक।
कहने को तो राज्य में इस बार मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच था। लेकिन बीते दिनों कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं के दल बदलने के बाद कांग्रेस के लड़ाई इबोबी के कंधे पर ही थी। वैसे भी तमाम प्रतिकूल हालातों के बावजूद लगातार तीन बार यहां कांग्रेस सरकार को सत्ता में बिठाने वाले इबोबी सिंह राज्य में पार्टी के पर्याय तो पहले ही बन गए थे।