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Manipur: 48 दिन बाद FIR, 77 दिन बाद गिरफ्तारी; महिलाओं से बर्बरता, बचाने आए भाई को मार डाला; जानें सब कुछ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 20 Jul 2023 03:48 PM IST

सार

Manipur Horror: इस घटना को लेकर जीरो एफआईआर कांगपोकपी जिले के सैकुल पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। बाद में इसे थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर किया गया। यहां मामला दर्ज होने के करीब एक महीने बाद आज सुबह पहली गिरफ्तारी की गई है।
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मणिपुर घटना - फोटो : AMAR UJALA

मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार को जब इस हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सरकार लेकर आम लोगों तक सभी के होश उड़ गए। किसी को अपने आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था। मानवता शर्मसार हो रही थी। हालांकि, ये घटना चार मई को हुई, जबकि गुरुवार सुबह मामले में पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ है। 



एक ओर जहां इसे घटना की देशभर में निंदा की जा रही है, वहीं अब इसको लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आखिर मणिपुर में चार मई को क्या हुआ था? घटना के आरोपियों पर केस किन धाराओं में दर्ज हुआ? अब तक इस मामले एक्शन क्या हुआ? आइए समझते हैं...

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मणिपुर घटना - फोटो : AMAR UJALA
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बुधवार को जब इस हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सरकार लेकर आम लोगों तक सभी के होश उड़ गए। किसी को अपने आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था। मानवता शर्मसार हो रही थी। हालांकि, ये घटना चार मई को हुई, जबकि गुरुवार सुबह मामले में पहला आरोपी गिरफ्तार हुआ है। 



एक ओर जहां इसे घटना की देशभर में निंदा की जा रही है, वहीं अब इसको लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आखिर मणिपुर में चार मई को क्या हुआ था? घटना के आरोपियों पर केस किन धाराओं में दर्ज हुआ? अब तक इस मामले एक्शन क्या हुआ? आइए समझते हैं...

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
मणिपुर में चार मई को क्या हुआ था? 
पहाड़ी राज्य मणिपुर पिछले कुछ समय से जातीय हिंसा की चपेट में है, लेकिन अब एक वीडियो सामने आया है जिसमें महिलाओं को नग्न करके घुमाया जा रहा है। यह घटना राज्य की राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले के गांव बी. फीनोम में हुई। ग्राम प्रधान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, चार मई को शाम लगभग तीन बजे 900-1000 की संख्या में कई संगठनों से जुड़े लोग बी. फीनोम गांव में जबरदस्ती घुस आए। इनके पास एके राइफल्स, एसएल.आर इंसास और 303 राइफल्स जैसे अत्याधुनिक हथियार थे। हिंसक भीड़ ने सभी घरों में तोड़फोड़ की और फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, कपड़े, अनाज सहित नकदी को लूटने के बाद सभी चल संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया।  

मणिपुर पुलिस - फोटो : ANI
रोड ब्लॉक कर पुलिस से ग्रामीणों को छुड़ा लिया 
इसके अलावा पांच ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए जंगल की ओर भाग गए। बाद में उन्हें नॉनपाक सेकमाई पुलिस टीम द्वारा बचाया गया और वे नोंगनोक सेकमाई थाने के रास्ते में थे। इस बीच उन्हें रास्ते में एक भीड़ ने रोक दिया और नोंगपोक सेकमाई थाने से लगभग दो किलोमीटर दूर और 33 एआर सोमरेई चौकी से लगभग तीन किलोमीटर दूर भीड़ ने उन्हें पुलिस टीम की सुरक्षा से छीन लिया। इसके अलावा एक 56 साल के व्यक्ति की घटनास्थल पर ही हत्या कर दी गई। 

crime demo - फोटो : अमर उजाला
बहन को बचाने आए भाई को भी मार डाला 
प्रधान ने बताया कि इसी दौरान भीड़ द्वारा तीन महिलाओं को उनके कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया और भीड़ के सामने निर्वस्त्र कर दिया गया। घटना से जुड़े वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुरुष असहाय महिलाओं के साथ लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं, जो रो रही हैं और उनसे छोड़ने की गुहार लगा रही हैं। हैवानियत यहीं सीमित नहीं रही, एक 21 साल की लड़की का दिन दहाड़े बेरहमी से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। जब 19 वर्षीय छोटे भाई ने अपनी बहन की अस्मिता और जान बचाने की कोशिश की, तो भीड़ में शामिल लोगों ने उसकी मौके पर ही हत्या कर दी। हालांकि, पीड़िता कुछ लोगों की मदद से मौके से भागने में सफल रहीं।

police fir - फोटो : istock
घटना में आरोपियों पर केस किन धाराओं में दर्ज हुआ? 
पहले 18 मई को जीरो एफआईआर और फिर घटना के एक महीने से अधिक समय बाद 21 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला आईपीसी की धारा 153ए, 398, 427, 436, 448, 302, 354, 364, 326, 376 और 34 और शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1सी) के तहत दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा दर्ज इस एफआईआर में भीड़ में शामिल करीब 1,000 लोगों पर कई आरोप लगाए गए हैं। इसमें विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना, घातक हथियार के साथ डकैती करना, आग लगाना, घर में जबरन घुसना, हत्या के लिए अपहरण करना, क्षति पहुंचाना, दुष्कर्म, हमला, गंभीर चोट पहुंचाना और आग्नेयास्त्र का उपयोग करके एक इरादे से हत्या करना।

मणिपुर घटना का मुख्य अपराधी - फोटो : SOCIAL MEDIA
अब तक इस मामले एक्शन क्या हुआ?
इस घटना को लेकर जीरो एफआईआर कांगपोकपी जिले की सैकुल पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। बाद में इसे थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन को रेफर कर दिया गया। यहां मामला दर्ज होने के करीब एक महीने बाद मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने आज गुरुवार को कहा कि वीडियो सामने आने के तुरंत बाद राज्य सरकार ने वीडियो का स्वत: संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस ने कार्रवाई कर आज पहली गिरफ्तारी की है। मुख्य अपराधी को आज सुबह एक पुलिस ऑपरेशन में गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान 32 वर्षीय हुइरेम हेरोदास मैतेई के रूप हुई है जो पेची अवांग लीकाई का रहने वाला है। 

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह - फोटो : ANI
अब आगे क्या? 
मुख्यमंत्री की मानें तो फिलहाल मामले में गहन जांच चल रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, जिसमें मृत्युदंड की संभावना पर भी विचार किया जाए। इस बीच मणिपुर पुलिस ने भी बयान जारी कर कहा, 'महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के वायरल वीडियो के संबंध में पुलिस दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।'
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