याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अधिकारियों ने कुछ मोबाइल नंबरों को श्वेतसूची में डालकर मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध को हटाने के बारे में भौतिक परीक्षण किए हैं। सेवा प्रदाताओं की रिपोर्ट के अनुसार, श्वेतसूची में शामिल नंबरों से भी कोई डाटा लीक नहीं हुआ है।
मणिपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से लोगों को मोबाइल इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने का रास्ता तलाशने को कहा है। हिंसक वारदात के चलते मणिपुर में तीन मई से इंटरनेट पर पाबंदी है। हाईकोर्ट मोबाइल इंटरनेट की बहाली की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
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जस्टिस अहन्थेम बिमोल सिंह और जस्टिस ए गुनेश्वर शर्मा की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य प्राधिकारी, विशेष रूप से गृह विभाग चरणबद्ध तरीके से मोबाइल नंबरों को सूचीबद्ध करके इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए तंत्र तैयार करने पर विचार करे। राज्य सरकार से 31 अगस्त को रिपोर्ट भी तलब की है। प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि ब्रॉडबैंड सेवाओं के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करने पर प्रतिबंध हटाने के लिए पहले ही आदेश जारी किये जा चुके हैं।
याचिकाकर्ताओं ने कहा, अधिकारियों ने कुछ मोबाइल नंबरों को श्वेतसूची में डालकर मोबाइल इंटरनेट प्रतिबंध को हटाने के बारे में भौतिक परीक्षण किए हैं। सेवा प्रदाताओं की रिपोर्ट के अनुसार, श्वेतसूची में शामिल नंबरों से भी कोई डाटा लीक नहीं हुआ है।