मणिपुर पुलिस ने कुकी छात्र संगठन (KSO) के खिलाफ केस दर्ज किया है। कुकी छात्र संगठन पर आरोप है कि उसने फर्जी खबर छापकर सेना और सुरक्षाबलों को बदनाम करने की साजिश रची और साथ ही कुकी विद्रोहियों की मदद की। इंफाल पश्चिम पुलिस स्टेशन में यह एफआईआर दर्ज की गई है। बता दें कि कुकी छात्र संगठन पर आरोप है कि उसने एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि यह चौंकाने वाला है कि भारतीय सेना के मैती अधिकारियों ने कई मौकों पर साजिशकर्ताओं का साथ दिया।
कुकी छात्र संगठन पर लगे ये आरोप
एफआईआर में कहा गया है कि कुकी छात्र संगठन ने पुलिस फोर्स, सेना और खासकर बीएसएफ की छवि को धूमिल करने की कोशिश की। साथ ही सुरक्षाबलों के परिजनों की सुरक्षा को भी खतरे में डाला गया। जो सुरक्षाकर्मी देश की सेवा कर रहे हैं, उन्हें कर्तव्य निभाने से रोकने की कोशिश हुई। इससे पहले भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स ने भी एक ट्वीट कर लिखा था कि 'भारतीय सेना की सभी रैंक जाति, नस्ल और लैंगिक भेदभाव से परे हैं। यह सभी के लिए निष्पक्ष हैं और किसी से डरते नहीं हैं।'
यूट्यूब चैनल के खिलाफ भी दर्ज हुई एफआईआर
एक यूट्यूब चैनल पॉकेट टीवी नेटवर्क के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। दरअसल इस यूट्यूब चैनल ने मणिपुर के सीएम और एक संगठन अरंबई तेंगोल के बीच संबंध होने की फर्जी खबर चलाई थी। मणिपुर सरकार ने भी लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया के जरिए फर्जी खबरें ना फैलाई जाएं। मणिपुर सरकार ने फर्जी खबरें फैलाने को देशद्रोह के बराबर माना है।
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कुकी द्वारा की जा रही अलग प्रशासन की मांग
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच कुकी जनजाति की सबसे बड़ी निकाय कुकी आईएपीआई मणिपुर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है, जिसमें आरोप लगाए गए हैं कि बहुसंख्यक मैती समुदाय द्वारा साजिश के तहत कुकी जनजाति का जातीय नरसंहार किया जा रहा है। कुकी जनजाति द्वारा अलग प्रशासनिक ईकाई की मांग की जा रही है। कुकी जनजाति के नेताओं का कहना है कि वह मैती समुदाय के साथ मिलजुलकर नहीं रह सकते। बता दें कि मैती समुदाय द्वारा जनजातीय आरक्षण की मांग के बाद राज्य में हिंसा भड़की है। मैती समुदाय की मांग का कुकी जनजाति द्वारा विरोध किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक राज्य में हुई हिंसा में 90 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।