सुरक्षाबलों ने यूकेएनए शिविर की घेराबंदी कैसे की?
- फोटो : राहुल गांधी, कांग्रेस नेता
मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी यानी यूकेएनए के दो उग्रवादी मारे गए, जबकि दो अन्य घायल हुए। यह कार्रवाई जिले के हेंगलेप उपमंडल के फैबोंग गांव में की गई। सुरक्षाबलों ने खुफिया सूचना मिलने के बाद इलाके में अभियान शुरू किया था।
सुरक्षाबलों ने यूकेएनए शिविर की घेराबंदी कैसे की?
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने 29 अगस्त की रात फैबोंग गांव में अभियान शुरू किया। इसके बाद UKNA के एक शिविर पर निगरानी रखी गई। दो सितंबर की सुबह करीब पांच बजे सुरक्षाबलों ने शिविर की ओर रणनीतिक तरीके से बढ़ना शुरू किया। सुबह करीब 5:30 बजे यूकेएनए के सदस्यों ने कथित तौर पर बिना किसी दिशा के गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में जवानों ने नियंत्रित तरीके से गोलीबारी की।
मुठभेड़ के बाद शिविर से क्या-क्या बरामद हुआ?
असम राइफल्स के अनुसार, खुफिया जानकारी से दो यूकेएनए कैडरों के मारे जाने और दो के घायल होने की पुष्टि हुई। इसके बाद शिविर में तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान दो एमए राइफल, एक एके-56 राइफल, एक लाथोड गन, सात लाथोड ग्रेनेड, 15 एके मैगजीन, 371 एके-56 कारतूस, 601 एमए राइफल के कारतूस और 172 एसएलआर कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा 15 लड़ाकू वर्दियां और सात गोला-बारूद रखने वाली पाउच भी मिलीं।
यूकेएनए को लेकर क्या स्थिति है?
यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी यानी यूकेएनए उन कुकी और जोमी सशस्त्र संगठनों में शामिल नहीं है, जिन्होंने केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुछ कुकी-जोमी संगठनों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस यानी अभियान निलंबन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसे में इस संगठन के खिलाफ सुरक्षाबलों की कार्रवाई अलग सुरक्षा अभियान के तौर पर की गई। मुठभेड़ के बाद भी आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान जारी है।
क्या इलाके में सुरक्षाबलों की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई?
असम राइफल्स ने बताया कि आसपास के जंगलों में अभियान अभी जारी है। इसका मकसद इलाके में मौजूद संभावित उग्रवादियों और हथियारों की तलाश करना है। मुठभेड़ के बाद बरामद हथियार और बड़ी संख्या में कारतूस सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अहम बरामदगी माने जा रहे हैं। फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान चला रहे हैं।