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Manipur: मणिपुर के 3 प्रतिबंधित संगठनों का सहारा ले रहे ड्रग डीलर! पाकिस्तानी आतंकी वाया म्यांमार रच रहे साजिश

सार

एनआईए ने पिछले साल मणिपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की ओर से की जाने वाली वसूली में म्यांमार के भी कुछ नागरिकों को दबोचा था। म्यांमार के नागरिकों का प्रतिबंधित संगठनों से सीधा संपर्क था...
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Manipur violence - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht
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विस्तार
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मणिपुर में चल रहे संघर्ष के दौरान गोल्डन ट्रायंगल के ड्रग कार्टेल से जुड़े नशे के माफिया मणिपुर के ही तीन प्रतिबंधित संगठनों का सहारा ले रहे हैं। इन्हीं नशे के कारोबारियों के माध्यम से पाकिस्तान के आतंकी संगठन भी मणिपुर में माहौल खराब करने की साजिश रच रहे हैं। नशे के कारोबारियों के साथ मिलकर पाकिस्तान के आतंकी संगठनों ने म्यांमार में अपना बड़ा ठिकाना भी बनाया है। फिलहाल जिस तरह से पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने म्यांमार में एक जाति विशेष समुदाय को अपना समर्थन देने की घोषणा की है, उससे पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के मंसूबों का पता चला है।

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मणिपुर में बीते कुछ दिनों से बने हालातों के बीच म्यांमार के गोल्डन ट्रायंगल में बसे नशे के माफियाओं ने भी हालात बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक म्यांमार से मणिपुर में नशे की फसल को पैदा कर वहां के युवाओं में नशे की लत बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर के कुछ संगठनों की भी मदद ली जा रही है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मणिपुर के तीन प्रतिबंधित संगठन म्यांमार के कुछ ड्रग कार्टेल से जुड़े लोगों के साथ मिलकर भी माहौल खराब करने की तैयारी में लगे हैं। इन प्रतिबंधित संगठनों में मणिपुर पीपुल्स रिवॉल्यूशनरी आर्मी, कांग्लेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट प्रतिबंधित संगठन हैं। इन प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोग लगातार म्यांमार के नशे कारोबारियों के अलावा आतंकी संगठनों से भी अपना संपर्क बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक ऐसे ही कुछ अन्य प्रतिबंधित संगठनों के माध्यम से म्यांमार के रास्ते मणिपुर के हालातों को और बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है।

पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का म्यांमार के ड्रग डीलर से है नाता

खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान के आतंकी संगठनों का म्यांमार के ड्रग कार्टेल से सीधा संपर्क है। दरअसल अफगानिस्तान से होने वाले नशे के कारोबार को साउथ एशिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में पाकिस्तान के ही आतंकी संगठनों का बड़ा हाथ रहता है। बीते कुछ वर्षों में साउथ एशिया में म्यांमार समूची दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा नशे की खेप को ठिकाने लगाने वाला देश बनकर उभरा है। इसीलिए पाकिस्तान के आतंकी संगठन म्यांमार के नशे की खेप को पहुंचाने के साथ-साथ भारत में माहौल खराब करने के लिए म्यांमार को बड़ा अड्डा बना रहे हैं। खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मणिपुर में जिस तरीके की घटनाएं हुई हैं, उसके बाद पाकिस्तान के आतंकी संगठनों ने म्यांमार समेत मणिपुर के ही प्रतिबंधित संगठनों की शह पर वहां की एक कम्युनिटी को टारगेट किया है।

प्रतिबंधित संगठनों पर पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

सूत्रों का कहना है कि जिन तीन प्रतिबंधित संगठनों के माध्यम से पाकिस्तान और नशे के कारोबारी मणिपुर में माहौल खराब करना चाहते हैं उन संगठनों पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक एनआईए ने पिछले साल मणिपुर में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की ओर से की जाने वाली वसूली में म्यांमार के भी कुछ नागरिकों को दबोचा था। म्यांमार के नागरिकों का प्रतिबंधित संगठनों से सीधा संपर्क था। यही वजह है कि इन तीन पीपुल्स रिवॉल्यूशनरी आर्मी, कांग्लेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी और यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट से जुड़े हुए लोगों के माध्यम से न सिर्फ देश में माहौल खराब करने वाले नशे के बड़े कारोबारी और पाकिस्तान के आतंकी संगठन संपर्क कर रहे हैं, बल्कि माहौल खराब करने की साजिश भी रच रहे हैं। मणिपुर में जिस वीडियो के वायरल होने के बाद समूचे देश में हंगामा मचा इस वीडियो में एक जाति विशेष समुदाय को अपना समर्थन देने वाले पाकिस्तान के आतंकी संगठन ने अपने मंसूबे साफ कर दिए हैं।

साल दर साल बढ़ रही है ड्रग माफियाओं की एंट्री

म्यांमार, थाईलैंड और लाओस के ड्रग माफियाओं के इशारों पर मणिपुर में स्थानीय लोग नशे के कारोबार में जबरदस्त तरीके से शामिल हो चुके हैं। एंटी ड्रग यूनिट नारकोटिक्स एंड अफेयर्स बॉर्डर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि 2017 से लेकर 2020 तक 2518 लोग नशे की बड़ी तस्करी में संलिप्त पाए गए और उन्हें हिरासत में लिया गया। आंकड़ों के मुताबिक बीते पांच सालों में सबसे ज्यादा हिरासत में मुस्लिम समुदाय के 1083 लोगों को लिया गया। उसके बाद पूरे मणिपुर में कुकी चिन समुदाय के 873 लोगों को नशे के अवैध धंधे में शामिल पाया गया और उन्हें हिरासत में लिया। समूचे मणिपुर में 381 मैतेई समुदाय के लोग भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाए गए। जबकि 181 अन्य दूसरी जाति समुदाय के लोग इस अवैध धंधे में शामिल होने के चलते हिरासत में लिए गए। सूत्रों का कहना है इनमें से कई नशे के ऐसे कारोबारी हैं, जो म्यांमार में बनाए गए पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के अड्डों से भी जुड़े हुए हैं।

मणिपुर हालातों के पीछे यह भी हैं वजहें

रक्षा मामलों के विशेषज्ञ लंबे समय तक नॉर्थ ईस्ट में अपनी सेवाएं देने वाले वरिष्ठ अधिकारी दीपक सिन्हा का मानना है कि इस वक्त जो मणिपुर में हालात हैं, उसके पीछे व्यवस्थित रूप से चल रहे नशे के कारोबार का एक बड़ा हाथ है। वह कहते हैं कि नशे के कारोबार में संलिप्त एक प्रमुख समुदाय के लोगों को यह लग रहा है कि अब मणिपुर में कोर्ट के आदेश के बाद मैतेई समुदाय के लोगों को जमीन का हक मिलने का दायरा बढ़ जाएगा। ऐसे में उनकी जमीनों पर होने वाली अवैध अफीम की खेती और ड्रग के फल-फूल रहे अवैध कारोबार खत्म होने का डर बना हुआ है। यही वजह है कि मणिपुर में हालात और ज्यादा बिगड़ रहे हैं। हालांकि नॉर्थ-ईस्ट से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि मणिपुर के हालात सिर्फ बड़े नशे के कारोबार की वजह से ही नहीं बिगड़े हैं, बल्कि सियासी शिथिलता के चलते भी यहां के हालात बिगड़े हैं। नार्थ ईस्ट के वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक जाईलोंग कहते है कि जिस तरीके से मणिपुर के लोगों के हाथों में अत्याधुनिक हथियार पहुंचे और फिर हिंसा के जिस तरह के वीडियो वायरल हो रहे हैं, उससे पता चलता है कि मणिपुर में कितने बुरे हालात हैं।

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