मणिपुर में जारी जातीय हिंसा को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह ने कहा है कि “शांतिपूर्ण संवाद” ही इस संकट का एकमात्र स्थायी समाधान है। उन्होंने सभी समुदायों से एक-दूसरे के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की। इंफाल में 134वें स्थापना दिवस के अवसर पर बोलते हुए मणिपुर पुलिस प्रमुख सिंह ने कहा, "यह बहुत चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन हम पूरी ताकत और सभी के सहयोग से इनसे निपटने की कोशिश कर रहे हैं।"
राजीव सिंह ने आगे कहा, "कुछ समस्याएं हैं जिनका हम जल्द से जल्द समाधान करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि हम भी जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति चाहते हैं। बहुत नुकसान हुआ है और सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लेकिन पिछले डेढ़ साल में हालातों में सुधर आया है।"
हिंसा की घटनाओं में कमी आई
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव सिंह ने आगे कहा कि "हिंसा, मौतें और घायल होने की घटनाओं में कमी आई है। आगजनी और गोलीबारी की छिटपुट घटनाएं हुई हैं, लेकिन सुरक्षा बल सतर्क हैं और हर कोई यह सुनिश्चित करने में लगा हुआ है कि स्थिति और बिगड़े नहीं।" डीजीपी सिंह ने आगे कहा, “मैं दोनों समुदायों (मैतेई और कुकी) से अपील करता हूं कि वे आगे आएं और बातचीत के जरिए समाधान निकालें। इस समस्या का समाधान केवल शांतिपूर्ण संवाद से ही संभव है।”
एक साल में बड़ी बरामदगियां
उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर पुलिस हमेशा जनहित और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रही है। इससे पहले प्रथम मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में एक सभा को संबोधित करते हुए, सिंह ने कहा, "पिछले एक साल में 3,014 अवैध हथियार और 30,000 राउंड गोला-बारूद बरामद किया गया है, जबकि 1,000 से ज्यादा अवैध हथियार और 15,000 गोला-बारूद सुरक्षा बलों के सामने जमा किए गए हैं।"
आपको बता दें कि मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों विस्थापित हुए हैं। हालांकि सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रशासनिक सख्ती के बाद हालात में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।