मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह
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मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने हाल ही में कहा कि राज्य तभी प्रगति कर सकता है जब पहाड़ियों और घाटी में रहने वाले सभी 36 समुदाय एक साथ विकसित हों। उन्होंने समावेशी और संतुलित विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। सिंह इंफाल में जनजातीय मामलों और पहाड़ियों के विभाग द्वारा आयोजित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति (एसटी) योजना के लाभार्थियों के साथ एक विशेष संवादात्मक सत्र में बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समानता को बढ़ावा देना और सभी समुदायों का उत्थान करना था।
मुख्यमंत्री ने उन रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त की जिनमें कहा गया था कि कुछ छात्रों को पिछले चार महीनों से छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है। कुछ मामलों में देरी आधार और बैंक खाते को जोड़ने से संबंधित मुद्दों के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा युवाओं के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शांति और विकास का महत्व
सिंह ने शांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विकास केवल शांतिपूर्ण और अनुकूल वातावरण में ही संभव है। उन्होंने बताया कि अशांति के समय छात्र और दिहाड़ी मजदूर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि संवाद के माध्यम से शांति ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने छात्रों से विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव और समझ को मजबूत करने में योगदान देने की अपील की। सरकार राज्य में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मणिपुर सरकार छात्रों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आदिवासी युवाओं को सशक्त बनाने में शिक्षा के महत्व को दर्शाता है। किपगेन ने बेहतर भविष्य को आकार देने में शिक्षा की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर सरकार छात्रों की शैक्षिक यात्रा में सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार छात्रों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
छात्रों ने अपनी चिंताओं और चुनौतियों को साझा किया
चुराचांदपुर और कांगपोकपी जिलों के छात्रों ने भी इस संवाद में भाग लिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। छात्रों ने अपनी चिंताओं और चुनौतियों को साझा किया। इस सत्र ने उन्हें सीधे मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से जुड़ने का अवसर दिया। सरकार ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुना।