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Manipur: अमित शाह ने की मणिपुर के हालात की समीक्षा; सीएम बीरेन सिंह ने अलग प्रदेश की मांग ठुकराई, कही यह बात

Mon, 15 May 2023 10:55 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मुख्यमंत्री ने अमित शाह के मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्य के लोगों से अपील की कि वह राज्य में फिलहाल धरना या रैलियां आयोजित ना करें। 
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Home Minister Amit Shah - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और मेइती, कुकी समुदायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर शांति बहाली को लेकर उठाए गए कदमों की समीक्षा की। गृह मंत्रालय ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश और दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने में पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। गृह मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार मणिपुर में विभिन्न समुदायों की सुरक्षा के लिए सभी कदम उठाएगी। अमित शाह ने मणिपुर हिंसा मामले में न्याय का आश्वासन भी दिया। उन्होंने मणिपुर के लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए राहत और पुनर्वास प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया।

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इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। सीएम ने कुकी जनजाति से ताल्लुक रखने वाले 10 विधायकों की उस मांग को ठुकरा दिया, जिसमें अलग प्रदेश की मांग की गई थी। मणिपुर सीएम ने कहा कि 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन' शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले उग्रवादी संगठन अपने निर्धारित शिविरों में लौट जाएं। 

लोगों से धरना प्रदर्शन ना करने की अपील
मणिपुर सीएम एन बीरेन सिंह ने रविवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें राज्य के हालात के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अमित शाह के मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए राज्य के लोगों से अपील की कि वह राज्य में फिलहाल धरना या रैलियां आयोजित ना करें। उन्होंने ये भी कहा जिन प्रदर्शनकारियों ने राजमार्गों पर धरना दिया हुआ है, उन्हें बलपूर्वक नहीं हटाया जाएगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश की जाएगी। सीएम ने कहा कि 'मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मणिपुर में क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी।'
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आरक्षण की मांग को लेकर भड़की हिंसा
बीते दिनों राज्य में हुई हिंसा में सशस्त्र उग्रवादियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। इसकी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री को भी दी गई। बता दें कि मणिपुर में बहुसंख्यक मैती समुदाय जनजातीय आरक्षण देने की मांग कर रहा है। जिसके विरोध में बीती 3 मई को राज्य के पहाड़ी जिलों में जनजातीय समुदाय द्वारा रैली निकाली गई, जिसके कारण राज्य में हिंसा भड़की। मैती समुदाय की जनसंख्या मणिपुर की कुल जनसंख्या की 53 प्रतिशत है और यह अधिकतर लोग इंफाल घाटी में रहते हैं। वहीं नागा और कुकी जनजाति के लोग जो 40 प्रतिशत हैं, वो पहाड़ी जिलों में रहते हैं। मणिपुर हिंसा में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। 

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