मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के सैटन गांव में शुक्रवार सुबह असम राइफल्स का एक जवान घायल हो गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह एक देशी बम निष्क्रिय कर रहा था। सेना के प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 4.15 बजे बिष्णुपुर जिले के सैटन गांव में असम राइफल्स के एक ओआर सैटन गांव में स्थानीय रूप से निर्मित आईईडी को निष्क्रिय करते समय घायल हो गया। बताया गया है कि जवान को मामूली चोट लगी।
इससे एक दिन पहले बिष्णुपुर जिले में तेरा खोंगफंगबी के पास संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया था। इसके अलावा पांच अन्य घायल हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद पुलिस और सेना के जवानों ने क्षेत्र से उग्रवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया है।
मणिपुर में हुई थी हिंसा
दरअसल, मणिपुर में बहुसंख्यक मेइती समुदाय ने उसे अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिए जाने की मांग की थी। इसके विरोध में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) की ओर से तीन मई को आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान चुराचांदपुर जिले के तोरबंग क्षेत्र में भड़की हिंसा रातोंरात पूरे राज्य में फैल गई थी।
दो लोगों का अपहरण
इस बीच, तोरीबंग में संदिग्ध उग्रवादियों ने दो लोगों का अपहरण कर लिया, जब वे अपने क्षतिग्रस्त घरों से से खाने का सामान लाने गए थे। उनका पता लगाने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक गुस्साए कुकी समुदाय के लोगों ने कांगपोक्पी में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के करीब सात से आठ जगहों पर टायर जलाकर विरोध किया और राजमार्ग को अवरुद्ध किया। प्रदर्शनकारियों ने नगालैंड के डिमापुर से इंफाल जा रहे आवश्यक सामग्री लदे करीब 100 ट्रकों को रोकने की कोशिश की।
321 मामले दर्ज, 30 गिरफ्तार
मंत्री वसंत कुमार ने बताया इस बीच मणिपुर में सात घंटे की कर्फ्यू में ढील दी गई। हालात सामान्य हैं। हिंसा के मामले में 321 मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक 68 लोगों की मौत हुई है और 236 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, ड्रोन और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है और रात को नाइट विजन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।