CBI ने मणिपुर वायरल वीडियो मामले में FIR दर्ज कर ली है। एफआईआर हिंसाग्रस्त राज्य में दो महिलाओं के साथ दरिंदगी के मामले में दर्ज किया गया है। केंद्र सरकार ने बीते गुरुवार को मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की बात सुप्रीम कोर्ट को बताई थी। साथ ही केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर कराने का आग्रह भी किया था।
राज्य में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने संबंधी इस घटना का चार मई का वीडियो इस महीने की शुरुआत में वायरल हो गया था। इस घटना की देशभर में कड़ी आलोचना हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया है। सीबीआई ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मणिपुर पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के संबंध में अपनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस बीच मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने चुराचांदपुर में राहत केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि राज्य में शांति कब बहाल होगी। मैं लगातार कोशिश कर रही हूं कि शांति बहाल करने के लिए दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे से बात करें। हम उनसे भी बात कर रहे हैं और सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में मदद करने के लिए भी कहा है। विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के सांसदों की राज्य की दो दिवसीय यात्रा पर मणिपुर की राज्यपाल ने कहा कि मैं उनसे राज्य में शांति बहाल करने में योगदान देने की अपील करती हूं।
राहत शिविर में महिलाओं के छलके आंसू, राज्यपाल ने दी सांत्वना
मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने चुराचांदपुर में राहत शिविर में रह रहे लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शिविरों में लोगों से बातचीत की। इस दौरान एक महिला ने राज्यपाल को आपबीती सुनाई। बात करते-करते महिलाएं भावुक हो गईं। फिर राज्यपाल ने उन्हें सांत्वना दी और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों को मुआवजा देगी, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया है और संपत्ति का नुकसान हुआ है। मैं शांति और मणिपुर के लोगों के भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करूंगी।
स्वाति मालीवाल ने भाजपा प्रमुख नड्डा को लिखा पत्र
इससे पहले दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने मणिपुर के भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे से मुलाकात की। विधायक का इलाज चल रहा है। उन्होंने पार्टी प्रमुख जेपी नड्डा से भी विधायक से मिलने के लिए कहा है। शनिवार को अपने पत्र में डीसीडब्ल्यू प्रमुख ने भाजपा प्रमुख से पार्टी के फंड से वाल्टे को वित्तीय सहायता देने का भी आग्रह किया है।
अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके
हालांकि, मणिपुर सरकार के प्रवक्ता और सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री सपम राजन ने गुरुवार को उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया था, जिनमें दावा किया गया था कि राज्य सरकार ने हमले में घायल होने के बाद वाल्टे की चिकित्सा देखभाल नहीं की। दरअसल, मणिपुर में 3 मई से जातीय हिंसा भड़की हुई है। इंफाल घाटी में केंद्रित बहुसंख्यक मैतेई समुदाय और पहाड़ियों पर रहने वाले कुकी के बीच हिंसक झड़प चल रही है। हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।