मणिपुर के कामजोंग जिले में असम राइफल्स ने अपहृत महिला को सुरक्षित छुड़ाने में सफलता हासिल की है। असम राइफल्स ने बताया कि ओलिना निंगशेन नाम की महिला को सुरक्षित रिहा कराया गया। महिला को सात मई को नामली इलाके में हुई हिंसक झड़पों के दौरान अगवा कर लिया गया था।
असम राइफल्स के अनुसार, महिला की रिहाई ज़ेड चोरो गांव के दक्षिणी इलाके में कराई गई, जो घटना स्थल के करीब स्थित है। पूरी कार्रवाई असम राइफल्स और अन्य एजेंसियों की निगरानी में संपन्न हुई। महिला के पति, गांव के मुखिया और विभिन्न नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों को फाइकोह के पास ह्यूमिन थाने लाया गया, जहां से सुरक्षित रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
रिहाई के बाद महिला और उसके परिजनों को चास्साद स्थित असम राइफल्स मुख्यालय ले जाया गया, जहां औपचारिक दस्तावेजी प्रक्रिया, चिकित्सकीय जांच और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके बाद परिवार और गांव के लोग अपने गांव खांगपत खुन लौट गए।
असम राइफल्स ने बताया कि सात मई की सुबह भारत-म्यांमार सीमा पर जेड चोरो और नामली के आसपास अशांति की सूचना मिली थी। हालात तनावपूर्ण होने के बावजूद बल ने त्वरित कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। कार्रवाई के दौरान असम राइफल्स ने कई बचाव दल तैनात किए। हिंसा प्रभावित 10 घरों को सुरक्षित किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
महिलाओं और बच्चों समेत 15 ग्रामीणों को बचाकर अलोयो असम राइफल्स कैंप में मानवीय सहायता दी गई। एक घायल महिला को प्राथमिक उपचार और मेडिकल निकासी सहायता भी प्रदान की गई। बल ने इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया, जिसमें लाल थाग जॉन नाम के 38 वर्षीय एक सशस्त्र उग्रवादी को हथियार, मैगजीन और गोला-बारूद के साथ पकड़ा गया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।
असम राइफल्स ने कहा कि कामजोंग के संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त जारी है, ताकि शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके। बल ने पूर्वोत्तर भारत में नागरिकों की सुरक्षा और शांति कायम रखने के अपने संकल्प को दोहराया।