मणिपुर में चल रही उथल-पुथल के बीच नागरिकों की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भारतीय सेना ने प्रशासन के साथ मिलकर सोमवार सीमावर्ती गांवों में एक मेगा मेडिकल कैंप लगाया। इन कैंपों में एक हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, मुफ्त चिकित्सा सलाह, उपचार और मुफ्त दवाएं दी गईं।
सेना प्रवक्ता के मुताबिक सेना और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सबसे अधिक प्रभावित सीमावर्ती गांवों और ओक्सुंबुंग और टोरोंग्लोबी में राहत शिविरों में एक मेगा चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। इसमें राहत शिविरों के लोगों के अलावा टोरोंग्लोबी, अवांग लेखाई, महम लेखाई, खुटेकपी और ओक्सोंगबंग के स्थानीय लोगों ने सुविधाओं का लाभ उठाया। कैंप में सेना के सात डॉक्टरों, जिला प्रशासन की ओर से पांच नागरिक डॉक्टरों और पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों (स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, दंत चिकित्सक और यूएसजी) की एकीकृत चिकित्सा टीम ने 929 लोगों की जांच की। इस दौरान मुफ्त चिकित्सा परामर्श, उपचार और मुफ्त दवाएं वितरित की गईं। इनमें से 450 महिलाएं शामिल थीं और 235 बच्चे शामिल थे।
इसी तरह से क्वाकटा राहत शिविर ने भी एक कैंप लगाने का अनुरोध किया था। उनके अनुरोध पर सेना के डॉक्टरों की चिकित्सा टीम ने राहत शिविर में 70 महिलाओं और 25 बच्चों सहित 125 लोगों को आवश्यक चिकित्सा जांच और दवाएं दीं। इस तरह से मेगा मेडिकल कैंप में 1054 लोग लाभान्वित हुए।