कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस भर्ती में ओबीसी आरक्षण में हुई कमी पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने इसे संविधान और आरक्षण नीति का उल्लंघन बताया और कहा कि यह ओबीसी युवाओं के साथ अन्याय है, जिससे उनकी सरकारी तंत्र पर आस्था कमजोर हो रही है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दिल्ली पुलिस भर्ती में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के आरक्षित पदों में कमी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने अपने पत्र में कहा कि सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार किसी भी भर्ती में 27% पद ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होने चाहिए।
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल के लिए निकलीं भर्तियां
दिल्ली पुलिस कांस्टेबल (एक्जीक्यूटिव) भर्ती के तहत कुल 7,565 पद निकाले गए हैं। इसमें 27% आरक्षण के हिसाब से 2,043 पद ओबीसी को मिलने चाहिए थे, लेकिन भर्ती अधिसूचना में केवल 1,608 पद ही ओबीसी के लिए तय किए गए हैं। इस तरह 435 पदों की कमी है।
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'यह संवैधानिक प्रावधान और आरक्षण नीति का उल्लंघन'
उन्होंने इसे संवैधानिक प्रावधान और आरक्षण नीति का उल्लंघन बताया। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने आगे कहा कि यह मामला केवल संख्याओं का नहीं, बल्कि न्याय, समानता और लाखों ओबीसी युवाओं के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने गृहमंत्री से तीन मुख्य सवालों के जवाब मांगे हैं।
केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की मांग
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की और कहा कि इस मुद्दे ने ओबीसी समुदाय का भर्ती प्रक्रिया और सरकार पर से भरोसा हिला दिया है। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ भर्ती की बात नहीं है, बल्कि न्याय और समान अवसर की बात है। सरकार को तुरंत कदम उठाकर युवाओं का विश्वास बहाल करना चाहिए।'