कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर की हुर्रियत नेताओं से हुई बातचीत ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक निजी चैनल में अय्यर की हुर्रियत नेताओं के साथ मुलाकात और बातचीत का खुलासा होने से कांग्रेस की कश्मीर मामले में सरकार को घेरने की कोशिश को भी धक्का लगा है।
लिहाजा कांग्रेस ने अय्यर की इस मुलाकात और बातचीत से किनारा कर लिया है। पार्टी ने इस बात से भी इनकार किया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किसी नेता को इस काम के लिए अधिकृत किया था।
कांग्रेस प्रवक्ता और सांसद आनंद शर्मा ने हुर्रियत नेताओं से अय्यर की मुलाकात को उनका व्यक्तिगत मामला बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर कांग्रेस का दृष्टिकोण पहले से ही साफ है।
पार्टी की है कि चुने हुए और सरकारी प्रतिनिधियों से ही बात होनी चाहिए। लोगों को मुख्यधारा में लाने का काम सरकार का है। यह सरकार को बताना चाहिए कि वह क्या कर रही है।
शर्मा ने कहा कि कश्मीर पर वीडियो जारी कर सरकार ध्यान बांटना चाहती है। युद्ध का उन्माद पैदा किया जा रहा है। ताकि सरकार से तीन साल के कामकाज पर सवाल न किए जाएं।
कांग्रेस के दूसरे प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इन खबरों से इनकार किया है कि हुर्रियत नेताओं से बातचीत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किसी को अधिकृत किया था। कश्मीर मुद्दे पर हाल की कांग्रेस की ओर से पूर्व पीएण मनमोहन सिंह के नेतृत्व में एक पॉलिसी प्लानिंग ग्रुप का गठन किया गया था।