मंगलुरू शहर की पुलिस ने शनिवार को सरकार द्वारा लगाए गए रात के कर्फ्यू का उल्लंघन करने के लिए 64 दोपहिया सहित लगभग 68 वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की। इसके तहत पुलिस ने शहर भर में 42 चौकियों को स्थापित किया जहां वाहन चालकों को रोककर उनकी जांच की गई। इस दौरान रात के 10 बजे के बाद केवल उन लोगों को ही आगे जाने की अनुमति दी गई जिन्होंने पुलिस को रात्रि कर्फ्यू के दौरान आने-जाने के लिए अपने वैध दस्तावेज दिखाए।
कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम
जानकारी के अनुसार शहर में रात के समय कर्फ्यू लागू होने की वजह से कई स्थानों पर ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी गई। ऐसे में रात 10 बजे के बाद लोगों को आने-जाने की अनुमति नहीं मिलने पर उन्होंने कई जगहों पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके अलावा कई लोगों ने पुलिस से उन्हें घरों में वापस न जाने देने को लेकर सवाल भी किया। दफ्तरों में नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कई कर्मचारियों ने भी पुलिस पर गुस्सा किया। उनका कहना था कि पहचान पत्र दिखाने के बाद भी रोका गया।
पुलिस की कार्रवाई की निंदा
इधर, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रदेश अध्यक्ष मुनीर कटिपल्ला ने कथित तौर पर दुकानदारों को परेशान करने के लिए पुलिस की आलोचना की जो अपनी दुकानें बंद करके घर लौट रहे थे। मुनीर ने कहा, 'कर्फ्यू उन जगहों पर लागू नहीं किया जाता है जहां त्योहारों के लिए हजारों लोग इकट्ठा होते हैं। जो दुकानदार अपनी दुकानें बंद करके घर लौट रहे थे, उन्हें सड़क पर रोक दिया गया।'
पुलिस आयुक्त ने दिया बयान
वहीं, पूर्व मंत्री बी रमानाथ राय ने भी मंगलुरू के बाहरी इलाके में बैरिकेड लगाकर वाहनों को रोके जाने वाली पुलिस कार्रवाई पर असहमति
जताई। उन्होंने पुलिस द्वारा रात्रि कर्फ्यू को लेकर की जा रही कार्रवाई के चलते सड़क पर यातायात की भीड़ देखी। ऐसे में वे अपनी कार से उतर गए और वाहनों की आसान आवाजाही के लिए पुलिस से बैरिकेड हटाने का आग्रह किया। इस पूरे मामले पर शहर के पुलिस आयुक्त एन. शशि कुमार ने कहा कि रात्रि कर्फ्यू के पहले दिन निवासियों को कुछ असुविधा होती ही है। उन्होंने आगे कहा कि मैंने कुछ उदाहरण देखे हैं, जहां जनता भी आपत्तिजनक व्यवहार करती है।
60 होम गार्ड्स पुलिस की करेंगे मदद
बताते चलें कि दक्षिण कन्नड़ जिला प्रशासन के अनुरोध के आधार पर राज्य सरकार ने कोविड- 19 के नियमों को लागू कराने के लिए मंगलुरू शहर में मार्शलों की भूमिका निभाने के लिए 60 होम गार्ड्स की प्रतिनियुक्ति की है। यह होमगार्ड पुलिस की मदद करेंगे ताकि लोग को मास्क पहनें, शारीरिक दूरी बनाकर रखें और शहर में अनावश्यक यात्रा न करें।