गुरुग्राम के रयान इंटनेशनल स्कूल में 7 साल के प्रद्युम्न की हत्या की घटना से दुखी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि स्कूलों के नॉन टीचिंग स्टाफ में महिलाएं होनी चाहिए।
मेनका ने स्कूलों में ड्राइवर, कंडक्टर और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के पदों पर महिलाओं को बहाल किए जाने का सुझाव दिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री गांधी ने कहा कि इस संबंध में उनके विभाग ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी संपर्क किया है।
स्कूल परिसर में बच्चों के साथ कथित तौर पर दुराचार और एक बच्चे की हत्या के मद्देनजर गांधी ने यह बात कही है। उन्होंने कहा, हमने मानव संसाधन मंत्रालय को कहा है और महिला नीति (मसौदे) में भी इसका जिक्र है कि स्कूल में ड्राइवरों, कंडक्टरों और नॉन टीचिंग कर्मचारी महिलाएं ही होनी चाहिए।
गौरतलब है कि सुषमा स्वराज के नेतृत्व वाले मंत्रियों के एक समूह ने राष्ट्रीय महिला नीति (मसौदे) को जुलाई में मंजूरी दी थी, लेकिन अब तक यह कैबिनेट के समक्ष लंबित है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्कूलों में अनुबंधित कर्मचारी चिंता का विषय है। इस मुद्दे को मानव संसाधन मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे।