रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान बाड़मेर स्थित उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन पहुंची। रक्षामंत्री के साथ एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोवा भी मौजूद थे।
इस दौरान उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि, यह चुनना सही नहीं होगा कि भारत को पाकिस्तान और चीन में से बड़ा खतरा किससे है? उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना ही कहूंगी कि भारत हर स्थिति से निपटने के लिये तैयार है।’ उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि सैन्य तैयारियों में कोई कमी नहीं रहे और भारतीय सेना को और ज्यादा मजबूती प्रदान करने की दिशा में हरसंभव कदम उठाए जायेंगे।
कैग रिपोर्ट को किया खारिज
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैग कि रिपोर्ट को 'तथ्यात्मक रूप से गलत' करार देते हुए खारिज किया और उन्होंने कहा इस पर चर्चा करना अनावश्यक होगा। कैग रिपोर्ट में सेनाओं के पास युद्ध की स्थिति में मात्र 20 दिन के लिये गोला-बारूद होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि रक्षामंत्री का पदभार संभालने के बाद उन्होंने इस मामले में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, विशेषज्ञों से चर्चा की है।
उन्होंने कहा कि सेना के लिये हथियारों और संसाधनों की खरीद एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि किसी को भी उपकरणों की उपलब्धता या हमारे सुरक्षा बलों की तैयारियों के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए। सीतारमण ने कहा कि पदभार संभालने के बाद उन्होंने सैन्य अधिकारियों, विशेषज्ञों से कई दौर की मुलाकात की है। सैन्य तैयारी उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी और सेनाओं के लिये संसाधनों और हथियारों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
गौरतलब है कि सीएजी (कंट्रोलर ऐंड ऑडिटर जनरल) की ओर से हाल ही में संसद में पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि, रक्षा बलों के पास जो गोला-बारूद है वो 40 दिनों की न्यूनतम आवश्यकता के बजाय युद्ध की स्थिति में 20 दिनों तक रह सकता है।