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Operation Sindoor: पाकिस्तान की खुली पोल, आतंकी को बताया धर्मगुरु; अमेरिका की वांछित सूची में नाम

Tue, 13 May 2025 01:19 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मुद्रिके में लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय में मारे गए आतंकवादियों की नमाज का नेतृत्व करने वाले आतंकी हाफिज अब्दुल रऊफ को धर्मगुरु बताने के चक्कर में पाकिस्तान की पोल खुल गई। रऊफ की सच्चाई पाकिस्तान के महानिदेशक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) अहमद शरीफ चौधरी की वजह से सामने आई, जिसने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसे धर्मगुरु बताने की कोशिश की। 
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जैश के ऑपरेशनल कमांडर अब्दुल रऊफ अजहर की अंत्येष्टि। - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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पाकिस्तान अपने बेतुके बयानों व निराधार दावों को लेकर बारबार अपना मजाक बनवा रहा है। अब आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ को धर्मगुरु बताकर उसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में अपनी किरकिरी कराई है। अमेरिका के पत्रकारों ने उसके दावों की धज्जियां उड़ाते हुए आतंकी की पूरी कुंडली, उस पर लगे प्रतिबंधों की जानकारी साझा कर दी है।

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दरअसल, रऊफ की सच्चाई पाकिस्तान के एक शीर्ष अधिकारी की वजह से सामने आई। उसने रऊफ की महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक रूप से उजागर कर दी, जिसमें उसकी राष्ट्रीय पहचान संख्या भी शामिल थी। रऊफ की जानकारी अमेरिका के प्रतिबंधित आतंकवादियों की सूची के डेटाबेस में मौजूद जानकारी से मेल खाती है। 

पाकिस्तान के महानिदेशक इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उसने बताया कि रऊफ के तीन बेटियां और एक बेटा है। वह एक धर्मगुरु है। उसका जन्म 25 मार्च 1973 को हुआ था और वह लाहौर का रहने वाला है। चौधरी ने रऊफ का राष्ट्रीय पहचान पत्र नंबर- 35202-5400413-9 भी सार्वजनिक किया। रऊफ की ये सारी जानकारियां अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) के डेटाबेस में पहले से ही दर्ज हैं।
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रऊफ ने आतंकियों की नमाज का किया था नेतृत्व
दरअसल, रऊफ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के मुद्रिके में लश्कर-ए-तैयबा मुख्यालय में मारे गए आतंकवादियों की नमाज का नेतृत्व किया था। इस मौके पर पाकिस्तान की सेना और उसके पुलिस अधिकारी वर्दी में नजर आए थे। पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भतीजी मरियम नवाज ने भी ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकवादियों को पुष्पांजलि अर्पित की थी। रऊफ के साथ सैन्य अधिकारियों की फोटो के सामने आने पर पाकिस्तान की वैश्विक स्तर पर खूब किरकिरी हुई। 

भारत ने पहले ही आतंकियों को समर्थन देने का लगाया था आरोप
भारत ने पहले भी पाकिस्तान पर आतंकवादियों को समर्थन देने का आरोप लगाया था। अब पाकिस्तानी अधिकारी चौधरी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में रऊफ की जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद भारत का आरोप पुख्ता हो गया है। भारत के प्रेस सूचना ब्यूरो की ओर से सोमवार को एक बयान जारी किया गया, जिसमें कहा गया, 'डीजी आईएसपीआर द्वारा साझा की गई पहचान का विवरण कम से कम 1999 से लश्कर के वरिष्ठ नेतृत्व के सदस्य और अमेरिकी प्रतिबंध सूची का हिस्सा रहे हाफिज अब्दुर रऊफ के विवरण से पूरी तरह मेल खाता है।'
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अमेरिकी डेटाबेस में रऊफ के कई पते
अमेरिकी डेटाबेस में रऊफ के कई पते दिए गए हैं, जिनमें 4 लेक रोड, दो कमरा नंबर 7 चोबुर्जी डोला खुर्द, 129 जिन्ना ब्लॉक, 5-चैंबरलेन रोड और अवान टाउन, मुल्तान रोड, 33 स्ट्रीट नंबर 3 शामिल हैं। ये सभी पते लाहौर और खानेवाल (पाकिस्तान) के हैं। OFAC डेटाबेस में रऊफ का राष्ट्रीय पहचान पत्र नंबर- NIC 277-93-113495 शामिल है। इसके अलावा, उसके पास एक पाकिस्तानी पासपोर्ट CM1074131 भी है, जिसे पाकिस्तान ने 29 अक्तूबर 2008 को जारी किया था। इस पासपोर्ट की वैधता 2013 में समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा, पाकिस्तान द्वारा एक अन्य पासपोर्ट बुकलेट A7523531 भी जारी की गई थी। रऊफ, 1999 से लश्कर-ए-तैयबा का सक्रिय सदस्य है। वह हाफिज सईद का करीबी सहयोगी रहा है, जिसे अक्सर उसके करीबी लोगों के साथ देखा जाता है।

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