कोलकाता (ब्यूरो)। राज्य के पुरुलिया जिले में एक युवक ने देवी काली को प्रसन्न करने के लिए कथित रूप से ही अपनी मां की ही बलि चढ़ा दी। उसने पुलिस के समक्ष अपने बयान में दावा किया कि देवी काली ने उनको सपने में कहा था कि परिवार की भलाई के लिए मां की हत्या जरूरी है। फिलहाल उस युवक को स्थानीय अदालत ने 14 दिनों की न्याकि हिरासत में भेज दिया है। पुलिस सूत्रों ने रविवार को यहां इसकी जानकारी दी।
पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक जय विश्वास ने कहा कि अभियुक्त नारायण महतो (35) ने कथित रूप से पशुओं की बलि के लिए इस्तेमाल होने वाले एक धारदार हथियार से अपनी मां फूली महतो (55) का गला काट दिया।
यह घटना शुक्रवार शाम को उस समय हुई जब फूल बड़ाबाजर थाने के स्थित बामाग्राम में काली मंदिर परिसर की सफाई कर रही थी। मां की गला काट कर हत्या करने के बाद नारायण खून से सने हथियार के साथ अपने बड़े भाई के घर पहुंचा और दावा किया कि उसने देवी की प्रतिमा के समक्ष मां की बलि चढ़ा दी है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बड़े भाई ने घर पहुंच कर देखा कि मां का सिर व धड़ अलग पड़ा है। उसने पुलिस को इसकी सूचना दी। नारायण को शुक्रवार देर रात को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि देवी के प्रसन्न करने के लिए ही उसने मां की बलि चढ़ा दी है। उसने बताया कि देवी ने सपने में आकर उसे मां की हत्या करने का आदेश दिया था।
पुरुलिया जिला अदालत ने शनिवार को उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विश्वास ने कहा कि हम तमाम पहलुओं और हत्या के संभावित मकसद की जांच कर रहे हैं। पड़ोसियों ने बताया कि अभियुक्त एक तांत्रिक था और उसने घर में ही काली मंदिर बना रखा था जहां तरह-तरह की तांत्रिक गतिविधियां करता था। मृतक महिला के तीन पुत्र हैं।