भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद अबू धाबी में फंसे एक भारतीय परिवार को मदद मिली है। नामाकला के रहने वाला चिथीरावेल विनायतार्थ उदय्यर दो साल पहले जून 2015 में दुर्घटना का शिकार हो गया थे, जिसके बाद से वह कोमा में हैं। मंगलवार को 37 साल के चिथीरावेल विनायतार्थ उदय्यार को अबू धाबी से उनके शहर लाया गया। साथ ही उनके परिवार को दुर्घटना के बदले मुआवजा भी मिला।
दरअसल, भारतीय दूतावास ने उदय्यर के परिवार से इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराने को कहा। इंश्योरेंस कंपनी उदय्यर के परिवार को मुआवजा देने से बचना चाह रही थी। केस दर्ज होने के बाद अदालत ने परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया।
युवक की बहन ने बताया कि गल्फ में ऐसे कई मामले हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में पीड़ितों के हाथ कुछ नहीं लगता। उन्हें अपने देश खाली हाथ लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अबू धाबी कोर्ट ने उनके केस में साहनुभूति जाहिर की और इंशोरेंस कंपनी पर आदेश जारी किया कि वह हमारा मुआवजा जल्द से जल्द दे।
वहीं उदय्यर की पत्नी का कहना है कि हमने उन्हें सेलम में प्राइवेट अस्पताल में मंगलवार को भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि उदय्यर की कंपनी अस्पताल का पूरा खर्च उठा रही है। कंपनी ने उदय्यर को छुट्टी दे रखी है और हर महीने उनकी सैलरी अकाउंट में भेज देती है।
साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि उदय्यर जल्द ही ठीक हो सकते हैं।