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Karnataka: मंगलूरू में तीन बच्चों की हत्या, पत्नी पर जानलेवा हमले मामले में शख्स को सजा-ए-मौत; कोर्ट का फैसला

Wed, 01 Jan 2025 01:46 PM IST
श्वेता महतो पीटीआई, मंगलूरू

सार

घटना वाले दिन आपसी नाराजगी के कारण उसने अपराध करने से पहले अपने बच्चों के स्कूल से लौटने का इंतजार किया। जब महिला मदद के लिए चिल्लाई, तो पास में काम कर रहे एक फूल विक्रेता ने उसकी चीख सुनी और कुएं में चढ़कर उसे बचाया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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मंगलूरू की एक अदालत ने एक व्यक्ति को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। उसे अपने तीन बच्चों की हत्या और अपनी पत्नी को कुएं में धकेलकर मारने का प्रयास करने के आरोप में दोषी करार दिया गया है। तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय की जज संध्या ने 31 दिसंबर को हितेश शेट्टीगर को उसके जघन्य कृत्य के लिए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
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क्या है मामला?
पुलिस के मुताबिक, घटना 23 जून 2022 को पद्मनूर गांव में हुई। आरोपी ने कथित तौर पर अपने तीन बच्चों को कुएं में धकेल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। उसने अपनी पत्नी लक्ष्मी को भी उसी कुएं में धकेलकर हत्या करने का प्रयास किया। जांच में पता चला कि आरोपी बेरोजगार था और अक्सर अपनी पत्नी से झगड़ा करता था। 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन आपसी नाराजगी के कारण उसने अपराध करने से पहले अपने बच्चों के स्कूल से लौटने का इंतजार किया। जब महिला मदद के लिए चिल्लाई, तो पास में काम कर रहे एक फूल विक्रेता ने उसकी चीख सुनी और कुएं में चढ़कर उसे बचाया। जांच के दौरान पता चला कि सबसे बड़ी बेटी ने कुएं में लगे पंप के पाइप से चिपककर खुद को बचाने की कोशिश की थी। हालांकि, आरोपी ने चाकू से पाइप को काट दिया, ताकि वह बच न सके।
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ऐसे हुई सुनवाई
शिकायत के आधार पर मुल्की पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर कुसुमाधारा के नेतृत्व में और एएसआई संजीव की सहायता से विस्तृत जांच के बाद, अदालत में आरोप पत्र पेश किया गया। अभियोक्ता मोहन कुमार ने मुकदमे के दौरान मजबूत सबूत पेश किए। इससे आरोपी के अपराध साबित करने काफी मदद मिली। इसके बाद कोर्ट ने इस नतीजे पर पहुंची कि बच्चों की नृशंस हत्या और उसकी पत्नी की हत्या के प्रयास के लिए अधिकतम सजा ही सुनाई जानी चाहिए।
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