पुलिस अधीक्षक (शहर) विवेक साइम ने बताया कि वाहिंगदोह के रिचर्ड टिपलांग स्वेर को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि वाहिंगदोह स्थित उसके घर से सायरन और वीआईपी बत्ती लगी एक गाड़ी, मोबाइल, लैपटॉप और आपत्तिजनक कागजात जब्त किए गए हैं।
मेघालय पुलिस ने खुद को गृह मंत्रालय का आईबी अधिकारी बताने वाला एक शख्स गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगारों से ठगी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने नौकरी की तलाश कर रहे 38 लोगों से 80 लाख रुपये की ठगी की है।
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पुलिस अधीक्षक (शहर) विवेक साइम ने पीटीआई-भाषा को बताया कि वाहिंगदोह के रिचर्ड टिपलांग स्वेर (39 वर्षीय) को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि वाहिंगदोह स्थित उसके घर से सायरन और वीआईपी बत्ती लगी एक गाड़ी, मोबाइल, लैपटॉप और आपत्तिजनक कागजात जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मावलाई पुलिस स्टेशन और लुमदियेंगजरी पुलिस स्टेशन में दो मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ 16 मई को शिकायत मिली थी। वह गृह मंत्रालय का आईबी अधिकारी होने का दावा कर रहा था और शिलॉंग स्थित सचिवालय में नौकरी देने का ऑफर कर रहा था। शिकायतकर्ता को उनकी योग्यता के अनुसार सभी नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों से पैसे इकट्ठा करने के लिए कहा गया था।
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शिकायतकर्ता ने 38 लोगों से 80 लाख रुपये की राशि एकत्र की और उसका भुगतान किया, लेकिन जब वह पैसे देने वाले लोगों को नौकरी देने में टालमटोल करने लगा तो शिकायत की गई।
लुमदियेंगजरी पुलिस स्टेशन में 22 मई को एक और शिकायत मिली, जिसमें यह आरोप लगाया गया कि स्वेर ने खुद को पुलिस विशेष शाखा का अधिकारी बताया और शिकायतकर्ता से कहा कि वह इस शर्त के तहत पुलिस विभाग में नौकरी प्रदान कर सकता है कि आवेदक गैर-मैट्रिक के लिए 1 लाख रुपये और मैट्रिक के लिए 50,000 रुपये की राशि का भुगतान करें।
शिकायतकर्ता ने अपने दोस्तों को इसकी सूचना दी और उसके एक दोस्त ने मार्च 2023 में शिलांग के मोटफ्रान में अपने ड्राइवर के जरिए व्यक्ति को 50 हजार रुपये की अग्रिम राशि सौंपी। इस बीच, पुलिस ने कहा कि जिस किसी को भी बहरूपिये ने धोखा दिया है, उससे अनुरोध है कि वह निकटतम पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराएं।