पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में पीएसए यानी ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना में देरी का आरोप लगाया। पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर भी ममता ने केंद्र पर निशाना साधा
उन्होंने कहा कि हमें राज्य में 70 प्लांट लगने की जानकारी दी गई थी। अब कहा जा रहा है कि प्रथम चरण में सिर्फ चार लगेंगे। बाकी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ममता ने आगे लिखा कि दिल्ली के अनिर्णय की वजह से राज्य की एजेंसियों द्वारा पीएसए प्लांट लगाने की पूरक योजना पर भी काम नहीं हो पा रहा है।
ममता बोलीं-टालमटोल के बाद मिली किस्त, बकाये के लिए लड़ाई जारी रखूंगी
पश्चिम बंगाल के किसानों को भी पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की राशि पहली बार मिली। बंगाल के 21.79 लाख किसानों में से करीब 14.91 लाख किसानों ने पोर्टल में पंजीकरण कराया था। इनमें से 7.03 लाख किसानों को राशि मिली। इनके खाते में सीधे पहली किस्त 2000 रुपये डाले गए। हालांकि, सीएम ममता बनर्जी ने किसानों को पत्र लिखकर कहा कि बंगाल के किसानों को बकाया 18000 रुपये मिलने चाहिए थे, लेकिन वे नहीं मिले। मैं किसानों के हितों के लिए लड़ाई जारी रखूंगी।
ममता ने बंगाल के किसानों को लिखे पत्र में कहा है कि काफी टालमटोल के बाद पीएम किसान सम्मान निधि की राशि बंगाल के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने जारी की। राज्य सरकार पहले ही किसानों को कृषक बंधु के तहत राशि दे रही है। राज्य सरकार लगातार केंद्र से किसान सम्मान निधि योजना बंगाल में लागू करने की मांग कर रही थी, लेकिन पहली बार यह राशि दी गई है, लेकिन 18000 रुपये नहीं दिए गए है। इसके लिए लगातार मांग करते रहेंगे और लड़ाई जारी रहेगी। वहीं, राज्य के कृषि मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि बंगाल के किसानों को बकाया नहीं मिला। पीएम चुनाव में किया गया अपना वादा पूरा करने में विफल रहे हैं।