फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ममता की सफाई: बंगाल में हुई बैठक पीएम-सीएम की नहीं थी, शिष्टाचार के नाते मिलने गई

Sat, 29 May 2021 03:35 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम की बैठक में मौजूद नहीं रहने को लेकर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पीएम व सीएम के बीच बैठक नहीं थी। पीएम बंगाल आए थे, इसलिए वह उनसे मिली थी। 
 
विज्ञापन
mamta banergee
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ममता बनर्जी ने शुक्रवार को बंगाल यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी की यास तूफान से हुए नुकसान की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर सफाई दी। पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि दरअसल यह बैठक पीएम-सीएम की नहीं थी। वह तो पीएम मोदी बंगाल आए, इसलिए सौजन्यवश और शिष्टाचार के नाते उनसे मिलने गई थी। ममता ने सवाल किया कि इस बैठक में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी का क्या काम था? मुझे किसी केंद्रीय मंत्री के इस बैठक में होने पर कोई आपत्ति नहीं। बल्कि पीएम की सुरक्षा में लगी एसपीजी ने मुझे एक घंटे रुकने के लिए कहा था। 

विज्ञापन


मुख्य सचिव का तबादला आदेश वापस लें
बंगाल की सीएम ने कहा कि मैं प्रधान मंत्री से अनुरोध करती हूं कि राज्य के मुख्य सचिव के दिल्ली तबादले के डीओपीटी के आदेश को वापस लें और हमें काम करने दें। कुछ शिष्टाचार होना चाहिए। केंद्र राज्य को काम नहीं करने दे रहा है। बंगाल मेरी प्राथमिकता है और मैं इसे कभी खतरे में नहीं डालूंगीं। मैं यहां के लोगों के लिए सुरक्षा गार्ड बनी रहूंगी। बता दें, बंगाल में पीएम की बैठक को लेकर शुक्रवार को हुए बवाल के बाद केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय में अटैच करने का आदेश देते हुए उन्हें तत्काल रिलीव करने का आदेश दिया है। 
 

मेरी छवि खराब करने की कोशिश
ममता बनर्जी ने कहा कि पीएमओ ने मुझे अपमानित किया। मेरी छवि खराब करने के लिए ट्वीट किए गए। तूफान की समीक्षा बैठक में भाजपा नेताओं व राज्यपाल को क्यों बुलाया गया? ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर भड़कते हुए सवाल किया कि पिछले दो वर्षों में संसद में विपक्ष के नेताओं की कोई आवश्यकता क्यों नहीं थी? गुजरात में विपक्षी नेताओं को (बैठकों में) क्यों नहीं बुलाया गया? मेरे (सीएम) शपथ लेने के बाद, राज्यपाल ने कानून और व्यवस्था के बारे में बात की और केंद्रीय टीमों को भेजा गया। 
विज्ञापन


30 मिनट लेट पहुंचने का भी दिया जवाब

ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी की मीटिंग में 30 मिनट लेट पहुंचने और कागजात देकर निकल जाने के आरोप का भी जवाब दिया। शनिवार को उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह स्पष्टीकरण दिया। ममता ने बताया कि पीएम से मुलाकात के पहले क्या हुआ? ममता ने इसका भी जवाब दिया कि क्यों उन्होंने पीएम मोदी को रिसीव नहीं किया?  

यह जरूरी नहीं कि सीएम हर बार पीएम को रिसीव करे

ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है कि हर बार सीएम, पीएम को रिसीव करे। कभी-कभी कुछ राजनीतिक तमाशे भी होते हैं। ममता ने साफ कहा कि उन्हें खुद वहां (पीएम की मीटिंग में) इंतजार करना पड़ा। ममता ने दावा किया कि जब हम पहुंचे तो हमें सूचना मिली कि हमें 20 मिनट इंतजार करना होगा, क्योंकि पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर को उतरना था। 




सीएम ममता ने आगे कहा कि हालांकि वे हमारे शेड्यूल से वाकिफ थे, फिर भी हमें इंतजार करवाया गया। हमें 15 मिनट हवा में रुकना पड़ा, इस पर हमें कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि यह पीएम की सुरक्षा का मामला था। हमने हेलीपैड पर उनका इंतजार किया। इससे पहले हमारा विमान लैंड नहीं हुआ था।

एसपीजी ने कहा-एक घंटे इंतजार करना होगा
ममता बनर्जी ने कहा कि इसके बाद जब हम कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो पीएम वहां पहले से ही मौजूद थे। हमें पीएम को सम्मान देना था, इसलिए मैं अपने मुख्य सचिव के साथ वहां गई थी। मैंने अपने मुख्य सचिव को मेरे साथ चलने के लिए कहा, क्योंकि वह हमारे प्रशासन के प्रमुख हैं, लेकिन जब हम उस स्थान (मीटिंग स्थल) पर पहुंचे तो हमें इंतजार करने के लिए कहा गया। मेरे सुरक्षा अधिकारी ने एसपीजी (पीएम के सुरक्षाकर्मी) से हमें एक मिनट के लिए पीएम से मिलने की अनुमति देने के लिए कहा लेकिन एसपीजी ने कहा कि हमें एक घंटे इंतजार करना होगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें