पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी एक बार फिर केंद्र सरकार पर भड़क गई हैं। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गुरुवार शाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के लोकार्पण समारोह के न्यौते की भाषा पर नाराजगी जताते हुए बनर्जी ने कहा कि वह कोई उनकी बंधुआ मजदूर नहीं हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर भी बड़ा बयान दिया।
ममता ने विपक्षी एकता का दम भरा, कहा- 2024 में भी खेला होबे
बंगाल की ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए विपक्षियों को एकजुट किया जा रहा है। वह अपने पड़ोसी राज्यों बिहार और झारखंड के उनके समकक्ष और कई अन्य विपक्षी दलों के साथ हाथ मिलाएंगे। पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में पार्टी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने दावा किया कि 2024 में भी खेला होबे, भाजपा को अपने अहंकार और लोगों के गुस्से के कारण घोर पराजय का सामना करना पड़ेगा।
ममता ने कहा कि मैं, नीतीश कुमार, हेमंत सोरेन, अखिलेश यादव और कई अन्य साथी 2024 में एक साथ आएंगे। सभी विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए हाथ मिलाएंगे। एक तरफ हम सब होंगे और दूसरी तरफ भाजपा। फिर भाजपा सरकार कैसे बनाएगी? भाजपा सरकार की कोई जरूरत नहीं है।
ममता ने इसके साथ दोहराया कि 2024 में खेला होबे। दरअसल, खेला होबे (खेल होगा) पिछले साल विधानसभा चुनाव में टीएमसी का नारा था, जिसमें उसने भाजपा को हराकर लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की थी। ममता ने इस दौरान दावा किया कि हाल में बंगाल पुलिस ने झारखंड के तीन विधायकों को बहुत अधिक नकदी के साथ गिरफ्तार करके पड़ोसी राज्य में खरीद-फरोख्त को रोका और हेमंत सोरेन सरकार को गिरने से बचा लिया। ममता ने कहा कि भाजपा को लगता है कि वह हमें सीबीआई और ईडी से डरा सकती है, लेकिन जितना अधिक वे लोग इस तरह के हथकंडे अपनाएंगे, उतना ही अगले साल के पंचायत चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनावों में हार के करीब पहुंचेंगे।
बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में नेताजी की नई प्रतिमा बनाने का मुझे बुरा लगा है, पुरानी प्रतिमा का क्या हुआ? दूसरा यह है कि जिस ढंग से मुझे कार्यक्रम में शरीक होने का न्यौता दिया गया, वह भी अच्छा नहीं है। दिल्ली में नेताजी की प्रतिमा के उद्धाटन समारोह को लेकर मुझे एक अवर सचिव का पत्र मिला। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री आज (गुरुवार को) प्रतिमा का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले आप वहां मौजूद रहें। इस भाषा पर आपत्ति प्रकट करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘क्या मैं उनकी बंधुआ मजदूर हूं।‘
शेख हसीना से मिलने नहीं बुलाया तो ममता ने केंद्र से पूछा सवाल
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत यात्रा के दौरान उन्हें आमंत्रित नहीं करने को लेकर भी गुरुवार को केंद्र पर हमला बोला। हसीना सोमवार को चार दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचीं थीं। बनर्जी ने यह भी कहा कि वह यह जानना चाहती हैं कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार हसीना से उनकी मुलाकात करने को लेकर ‘चिंतित’ क्यों हैं?
उन्होंने तृणमूल नेताओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मेरे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से बहुत अच्छे संबंध हैं लेकिन केंद्र ने उनकी यात्रा का हिस्सा बनने के लिए मुझे आमंत्रित नहीं किया। ममता ने कहा, मैं विदेश मामलों या द्विपक्षीय संबंधों के बारे में बात करना नहीं चाहती लेकिन मैंने देखा है कि जब भी मुझे किसी देश में आमंत्रित किया जाता है तो केंद्र मुझे रोकने की कोशिश करता है। मैं यह जानना चाहती हूं कि केंद्र सरकार मेरे किसी विदेशी गणमान्य अतिथि से मुलाकात करने को लेकर चिंतित क्यों हैं।
अनुब्रत मंडल पर कही यह बात
उन्होंने कहा कि बीरभूम जिले को नहीं पता कि कैसे हारना है। जब तक 'केस्तो' (बीरभूम टीएमसी विधायक अनुब्रत मंडल) वापस नहीं लौटेंगे, हमारी लड़ाई मजबूत रहेगी। भाजपा झूठ बेच रही है और जिला स्तर के नेताओं को डराने के लिए एक के बाद एक मंत्रियों को निशाना बना रही है।
अफसरों ने किया खारिज
ममता बनर्जी की आलोचना को अफसरों ने खारिज कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र किसी अन्य राष्ट्र प्रमुख के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित नहीं करता है। कभी-कभी मुख्यमंत्रियों को राजकीय भोज या किसी अन्य समारोह में आमंत्रित किया जाता है, लेकिन इस यात्रा के दौरान ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं था। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बांग्लादेश आमंत्रित किया था। यहां दोनों देशों के बीच एक बस सेवा को हरी झंडी दिखाने के लिए एक औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।