पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश में कोरोना महामारी के बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग की है। ममता ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संक्रमण रोकने की योजना बनाने में विफल रहे।
टीएमसी प्रमुख ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 की दूसरी लहर से देश को संभाल नहीं पाए। इस कारण उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। पीएम ने पिछले पांच-छह महीने में मेडिकल ऑक्सीजन और टीकों की आपूर्ति के संभावित संकट पर ध्यान देने के लिए कुछ नहीं किया।
टीकों के निर्यात को लेकर आलोचना
टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि अपने देश में टीकों की कमी के बावजूद प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि चमकाने के लिए दूसरे देशों को टीकों का निर्यात किया। मौजूदा हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। उन्होंने 2021 के लिए कोई प्रशासनिक योजना नहीं बनाई, गुजरात के हालात तो देखिए।
भाजपा गुजरात को भी संभाल नहीं सकी
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा गुजरात में भी कोविड-19 के हालात को संभाल नहीं पाई और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका लगाने के लिए प्रधानमंत्री से 5.4 करोड़ खुराकों की आपूर्ति का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी तरफ से हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पश्चिम बंगाल सरकार कोविड-19 के टीकों की पूरी लागत वहन करेगी।
पीएम को कड़े शब्दों में पत्र लिखूंगी
बनर्जी ने कहा, 'मैं इस मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री को कड़े शब्दों में पत्र लिखूंगी। पूरे देश में ऑक्सीजन तथा एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर की कमी है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अगर उन्होंने हमें मंजूरी दी होती तो हम अपने राज्य के हर नागरिक को टीका लगा चुके होते।' उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र सरकार ने भी जीवन रक्षक सामग्री के संकट का विषय उठाया है। लेकिन आप (मोदी) इस मुद्दे पर ध्यान दिये बिना बंगाल में चुनावी रैलियों में भाग ले रहे हैं।'
पीएम को विश्व में अपनी छवि बनाने की चिंता
दुनिया के 80 देशों को भारत द्वारा टीकों का निर्यात किए जाने का दावा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'अगर आप दुनिया में दूसरे देशों की मदद करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पहले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बंगाल और देश के दूसरे राज्यों को तो ये दीजिए। आप ऐसा नहीं कर सके और आपको केवल वैश्विक समुदाय में अपनी छवि बनाने की चिंता है।'