ममता ने नागपुर में हुई हिंसा की निंदा की
इसके साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने गुरुवार को महाराष्ट्र के नागपुर में हुई हिंसा की निंदा की और कहा कि भारत विविधता में एकता के लिए जाना जाता है। राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बात करते हुए, सीएम ने इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ बोलने से परहेज किया और कहा, 'मैं इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। लेकिन हम इस हिंसा की निंदा करते हैं। हमारा देश विविधता में एकता के लिए जाना जाता है। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, मैं सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरी। मैं नागपुर की स्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।' हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा कि उनके इंडिया गठबंधन के सहयोगी, शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे स्थिति पर टिप्पणी करेंगे।
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भाजपा विधायकों ने बंगाल विधानसभा में लहराए काले झंडे
इधर भाजपा विधायकों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा से वॉकआउट किया, काले झंडे लहराए और स्पीकर बिमान बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए और उनके इस्तीफे की भी मांग की। दिन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी भाजपा विधायकों ने काले झंडे लहराने शुरू कर दिए और स्पीकर के खिलाफ नारेबाजी की, आरोप लगाया कि वह निष्पक्ष नहीं हैं और सदन में लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। भाजपा नेताओं के हंगामे के बीच सदन में विनियोग विधेयक पर चर्चा हुई।
इस दौरान कुछ भाजपा विधायक सदन के वेल में आ गए और विरोध करते हुए विधानसभा के दस्तावेज फाड़ दिए। 35 मिनट से अधिक समय तक प्रदर्शन करने के बाद भाजपा विधायकों ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद पार्टी के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर स्पीकर का पुतला भी फूंका।
उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी भाजपा विधायकों को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका विरोध विपक्षी विधायकों को कथित तौर पर काले झंडे दिखाए जाने के खिलाफ भी है, जिनका नेतृत्व विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी कर रहे थे, जब उन्होंने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष के निर्वाचन क्षेत्र बरुईपुर का दौरा किया था।