Bengal: भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय भाषा दिवस समारोह में सम्मानित किया। महाराज ने केंद्र सरकार पर अपने समुदाय के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। इसके साथ ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद नागेन रॉय उर्फ अनंत महाराज राजबंशी समुदाय के नेता हैं। उनको शनिवार को शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय भाषा दिवस समारोह में सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौजूद थीं।
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महाराज के संबंध हाल के महीनों में भाजपा के साथ तनावपूर्ण रहे हैं। मंच पर बैठे और वरिष्ठ मंत्रियों व टीएमसी नेताओं आरोप बिस्वास और इंद्रनील सेन के साथ उनका स्वागत किया। उन्हें सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, आपकी मौजूदगी से हमें सम्मान मिला है। खुश रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
भाजपा सांसद ने केंद्र पर क्या आरोप लगाया?
मुख्यमंत्री के रूप में बनर्जी का यह राजनीतिक नहीं कार्यक्रम था। अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलों को बढ़ाते हुए महाराज ने बाद में पत्रकारों से कहा, केंद्र सरकार ने हमारे समुदाय के साथ भेदभाव किया है, जो बड़ी उम्मीदों के साथ भारत में शामिल हुआ था। मौजूदा सरकार सहित कई सरकारों की ओर से कई वर्षों तक हमारे क्षेत्र की लगातार उपेक्षा की गई है। जब उन्हें याद दिलाया गया कि वह केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी का हिस्सा हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, क्या मैं भारत के विकास के बारे में बात नहीं कर सकता? क्या हम देश का हिस्सा नहीं हैं?
ममता बनर्जी ने पहले भी की थी महाराज से मुलाकात
पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 सदस्यों के चुनाव कुछ महीनों में होने हैं। इससे पहले, ममता बनर्जी कई बार महाराज के कूच बिहार स्थित आवास पर उनसे मिली थीं और महाराज ने उनका पारंपरिक स्कार्फ और 'गुवा पान' (पान) से स्वागत किया।
टीएमसी ने 2024 में भाजपा से कूच बिहार लोकसभा सीट जीतकर वर्तमान सांसद निसिथ प्रमाणिक को लगभग 40 हजार वोटों से हराया था। इस चुनाव के नतीजों से यह अटकलें बढ़ी हैं कि महाराज के प्रभाव के कारण नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं, क्योंकि वह क्षेत्र के राजबंशी समुदाय के एक बड़े हिस्से को प्रभावित करते हैं। राज्य भाजपा ने अभी तक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।