पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी केंद्रीय योजनाओं को सशर्त लागू करने की बात कही है। उन्होंने पत्र लिखकर कहा कि केंद्र यदि राज्य सरकार के जरिये धन खर्च करे तो पश्चिम बंगाल में हम प्रधानमंत्री किसान और आयुष्मान भारत जैसी योजना को लागू करेंगे।
केंद्रीय कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को लिखे पत्र में ममता ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए पहले ही कृषक बंधु योजना शुरू कर दी है। फिर भी हमें किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ देने में खुशी होगी। उस स्थिति में केंद्र सरकार को जरूरी फंड सीधे राज्य सरकार को देना होगा और राज्य की मशीनरी पूरी जिम्मेदारी के साथ लाभार्थियों को वह धन जारी करेगी। पीएम-किसान योजना के तहत केंद्र सरकार कृषकों को तीन समान किस्तों में सालाना 6,000 रुपये देती है।
वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को लिखे एक अलग पत्र में ममता बनर्जी ने कहा, राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना के तहत प्रदेश के लोगों का मुफ्त उपचार होता है। आयुष्मान भारत योजना में भी खर्च होने वाली राशि यदि सरकार राज्य सरकार के जरिये खर्च करे तो इसे भी लागू कर सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना के तहत केंद्र 60 फीसदी और राज्य शेष 40 फीसदी खर्च करता है।
कृषि विधेयकों के खिलाफ विपक्षी दल किसानों के बीच जाएंगे: ब्रायन
सरकार ने कृषि से जुड़े विधेयकों के जरिये किसानों से धोखा किया है। हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। अगले दो दिनों में तृणमूल कांग्र्रेस और अन्य क्षेत्रीय पार्टियां इस मुद्दे को लेकर किसानों के बीच जाएंगी।
रविवार को राज्यसभा में जो हुआ वह अलोकतांत्रिक था। सांसद के तौर हमें जो अधिकार मिले हैं उनको छीन लिया गया। जो किया गया वह भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने का फासिस्ट तरीका है। मैंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी ऐसा नहीं देखा। - डेरेक ओ ब्रॉयन, सांसद तृणमूल कांग्रेस