तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही तनातनी के बीच एक बड़ी खबर आई है। प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में जाने पर हामी भरी है। शपथ ग्रहण समारोह 30 मई को शाम 7 बजे होना है। इसमें देश-विदेश के नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत को लेकर ममता बनर्जी ने कहा, मैंने इस संबंध में दूसरे मुख्यमंत्रियों से बात की है। चूंकि यह एक संवैधानिक शिष्टाचार है इसलिए हमने इसमें जाने का फैसला किया है। मैं वहां जाऊंगी।
ममता ने कहा- मैंने कुछ अन्य मुख्यमंत्रियों से भी बात की और इसमें शिरकत करने का फैसला किया। संविधान के तहत कुछ औपचारिक (सेरेमोनियल) कार्यक्रम होते हैं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के शपथ-ग्रहण समारोहों के लिए न्योता मिलने पर हम ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लेने की कोशिश करते हैं।
कैबिनेट में भी फेरबदल
इस बीच मंगलवार को ममता ने कैबिनेट में भी फेरबदल किया। सुवेंदु अधिकार अब सिंचाई और परिवहन मंत्री, सोमन महापात्रा अब पब्लिक हेल्थ, इंजीनियरिंग और पर्यावरण मंत्री जबकि राजीब बनर्जी आदिवासी विकास मंत्री होंगे।
ममता को झटका
ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब मंगलवार को ही टीएमसी के दो विधायक और 50 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए हैं। ये सभी दिल्ली पहुंचे थे और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।
इन सभी ने भाजपा मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता ली। इनमें सबसे बड़ा नाम रहा टीएमसी छोड़ भाजपा में आए बड़े नेता मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय का। मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु रॉय अपने पिता के साथ भाजपा हेडक्वार्टर पहुंचे थे। सुभ्रांशु रॉय के अलावा टीएमसी विधायक तुषारक्रांति भट्टाचार्य और सीपीएम विधायक देवेंद्र रॉय भी भाजपा में शामिल हुए।
लोकसभा चुनाव में जबरदस्त मुकाबले के बाद भाजपा और टीएमसी में तनाव बना हुआ है। बंगाल में भाजपा ने 18 सीटें जीतकर टीएमसी को जबरदस्त झटका दिया। आलम ये रहा कि ममता बनर्जी ने सीएम पद से इस्तीफा देने तक की पेशकश कर दी थी।