सारदा चिटफंड घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोलकाता पुलिस के दो अधिकारियों अर्नब घोष और दिलीप हाजरा को समन भेजा है। सीबीआई ने दोनों को बुधवार को कोलकाता स्थिति कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है।
बता दें कि चुनाव आयोग ने 20 अप्रैल को पश्चिम बंगाल सरकार को मालदा के पुलिस अधीक्षक अर्नब घोष का तबादला करने का आदेश दिया था। मालदा में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था। आयोग ने स्पष्ट किया था कि घोष को राज्य में कहीं भी चुनाव ड्यूटी न दी जाए।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया था और चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। हालांकि आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि यह कार्रवाई आयोग ने अपने क्षेत्राधिकार में रहकर की है।
वहीं, सारदा चिटफंड मामले की जांच जब विधाननगर कमिश्नरेट की टीम कर रही थी, उस समय दिलीप हाजरा इस मामले के जांच अधिकारी व स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के सदस्य थे। माना जा रहा है कि इसीलिए सीबीआई ने उन्हें भी समन भेजा है।
दूसरी ओर, कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने सारदा चिट फंड घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए सीबीआई द्वारा तलब किए जाने के बावजूद सोमवार को सीबीआई अधिकारियों के साथ होने वाली एक बैठक में नहीं पहुंचे थे। कुमार ने सीबीआई को चिट्ठी भेजकर मामले के संबंध में अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कुछ और समय मांगा था।