पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि देश में इस समय सुपर इमरजेंसी है और हमें अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'आज अतंरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक दिवस है। आइए एक बार फिर हम देश में स्थापित संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करने का संकल्प लें। सुपर इमरजेंसी के इस दौर में हमें उन सभी अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए जिनकी गारंटी हमारे संविधान ने दी है।'
ममता के इस बयान पर भाजपा के प्रवक्ता नलिन ने कहा कि उन्हें (ममता को) पहले आत्म निरीक्षण करना चाहिए। सुपर इमरजेंसी वह है जो उन्होंने लागू की है। अगर बंगाल में कोई जय श्री राम का नारा लगाता है जो उसे जेल में बंद कर दिया जाता है। उन्हें यह देखना चाहिए कि उन्होंने बंगाल में क्या स्थिति कर दी है।
ममता मोदी सरकार की बड़ी आलोचक हैं। 28 अगस्त को उन्होंने केंद्र सरकार पर एजेंसियों का इस्तेमाल कर उनकी सरकार का गला घोंटने का आरोप लगाया था और कहा था कि यदि उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो भी वह भाजपा के आगे नहीं झुकेंगी। उन्होंने अपने कई मंत्रियों को सीबीआई द्वारा समन दिए जाने का जिक्र करते हुए दावा किया था भाजपा बंगाल को अपने कब्जे में करने की कोशिश कर रही है क्योंकि उनकी पार्टी अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करती है।
इससे पहले ममता ने 25 जून (इसी दिन देश में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया गया था) को मोदी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था, 'आज 1975 में घोषित हुए आपातकाल की बरसी है। पिछले पांच सालों से देश 'सुपर इमरजेंसी' के दौर से गुजर रहा है। हमें अतीत से सबक लेना चाहिए और देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए लड़ाई लड़नी चाहिए।'