पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत भवन में मीडिया से राज्य में हो रही हिंसा पर बातचीत में कहा कि मैं बंगाल को बटने नहीं दूंगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की ओर से जारी हिंसा को गहरी साजिश करार दिया था। उन्होंने कहा था कि मोर्चा के संबंध पूर्वोत्तर के उग्रवादी गुटों से हैं।
कोलकाता में शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद ममता ने कहा कि दार्जिलिंग में साजिश के तहत हिंसा फैलाई गई। उन्होंने कहा कि हिंसा की साजिश लंबे समय से रची जा रही थी, क्योंकि एक दिन में इतने हथियार व गोला-बारूद नहीं जुटाए जा सकते।
ममता ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्र को स्थिति से अवगत करा दिया है और संकट से निपटने के लिए सहायता मांगी है। सीएम ने मोर्चा पर संविधान के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि सीमावर्ती इलाका होने की वजह से यह मामला बेहद संवेदनशील है। उन्होंने मोर्चा पर पूर्वोत्तर के उग्रवादी गुटों से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा था कि वे अवैध हथियार व बम जुटा रहे हैं।
ममता ने कहा था कि मोर्चा ने पांच साल तक गोरखालैंड टेरीटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) का सुख उठाया और चुनाव सिर पर आते ही हिंसा की राह पकड़ ली है। मुख्यमंत्री ने इलाके में हालात पर काबू पाने के लिए राज्य के सात वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को वहां भेजा है।