सत्ता से बाहर होने पर कभी लौट नहीं पाएगी भाजपा: राम गोपाल
सपा के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, केंद्र सरकार ने गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को हटाने का एक और तरीका निकाल लिया है। भले ही किसी पर कोई आरोप न हो, लेकिन झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और गंभीर धाराओं में फंसाकर लोगों को जेल भेजा जा रहा है। अब यह विधेयक लाकर उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को हटाने का प्रावधान किया जा रहा है, जहां भाजपा की सरकार नहीं है। लोकतांत्रिक मर्यादाएं अब खत्म हो चुकी हैं। जो लोग यह विधेयक ला रहे हैं, वे यह बात समझ नहीं पा रहे हैं कि जब वे सत्ता से बाहर होंगे तो दोबारा लौट नहीं पाएंगे। उनकी अपनी पार्टी के लोग भी अब उनका विरोध करने लगे हैं।
जनता की आंख में धूल झोंकने का प्रयास: प्रियंका
विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, यह पूरी तरह से कठोर और अलोकतांत्रिक कदम है। यह संविधान और लोकतंत्र दोनों के खिलाफ है। इसे भ्रष्टाचार विरोधी पहल बताकर पेश करना दरअसल जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। असल में इस विधेयक से सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि किसी भी मुख्यमंत्री पर मामला दर्ज कर उसे 30 दिन तक गिरफ्तार रखा जाए और बिना सजा हुए भी उसे पद से हटाया जा सके। यह सबके सामने साफ है कि यह बेहद गलत है। लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है और बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
चुनावी धांधली से ध्यान भटकाना असली मंशा: वेणुगोपाल
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, यह केवल ध्यान भटकाने की रणनीति है। विधेयक कठोर और अलोकतांत्रिक है। यह संसद से पारित होने वाला नहीं है। सरकार की असली मंशा चुनावी धांधली और बिहार यात्रा से ध्यान हटाना है। इस विधेयक के जरिए वे बदले की राजनीति को सांविधानिक रूप देने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्ष इसका डटकर विरोध करेगा। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि भाजपा विपक्षी मुख्यमंत्रियों को चुनावी रास्ते से हराने में विफल रहने के बाद उन्हें हटाने के लिए ऐसा कानून लाना चाहती है।
विधेयक ने आरोपी व दोषी के बीच का फर्क मिटा दिया: राजद
राजद सांसद मनोज झा ने कहा, विधेयक दरअसल एक रणनीति है। जहां-जहां भाजपा चुनाव नहीं जीत पाती, वहां यह विधेयक खरीद फरोख्त के बजाय सरकार गिराने और अस्थिर करने का नया तरीका बनेगा। विधेयक ने आरोपी और दोषी के बीच का फर्क ही मिटा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि ईडी अब राजनीतिक खेल का हिस्सा बन चुकी है। किसी पर भी धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) का केस लगाकर जेल भेज दिया जाता है। मुझे तो लगता है कि गृह मंत्री अमित शाह की नजर अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर भी है।