राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर अभद्र टिप्पणी कर ममता बनर्जी सरकार में मंत्री अखिल गिरि विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने नंदीग्राम में एक सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर अभद्र टिप्प्णी की है। उन्होंने कहा, हम लोग किसी को उनकी शक्ल-सूरत से नहीं आंकते। हम राष्ट्रपति की कुर्सी का सम्मान करते हैं, लेकिन हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?
#WATCH | "We don't judge anyone by their appearance, we respect the office of the President (of India). But how does our President look?," says West Bengal Minister and TMC leader Akhil Giri in Nandigram (11.11.2022) pic.twitter.com/UcGKbGqc7p
भाजपा सांसद ने की गिरफ्तारी की मांग
इस बीच भाजपा सांसद सौमित्र खान ने राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिखा है। उन्होंने टीएमसी नेता अखिल गिरि की गिरफ्तारी की मांग की है। इसके अलावा उन्हें विधायक पद से भी बर्खास्त किए जाने की मांग की है। वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर अभद्र टिप्पणी घोर निंदनीय है। ममता बनर्जी को ऐसे नेता को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए और इस तरह की टिप्पणियों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा- राष्ट्रपति से माफी मांगे अखिल गिरि
राष्ट्रीय महिला आयोग ने राष्ट्रपति मुर्मू के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए टीएमसी मंत्री अखिल गिरि को लिखित माफी मांगने के लिए पत्र लिखा है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को जांच करने और मामले में सख्त कार्रवाई करने के लिए लिखा है।
संबित पात्रा ने की इस्तीफे की मांग
राष्ट्रपति मुर्मू के खिलाफ टिप्पणी को लेकर भाजपा नेता संबित पात्रा ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि टीएमसी मंत्री अखिल गिरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह अस्वीकार्य है। ओडिशा में लोग इसका विरोध कर रहे हैं और राष्ट्रपति पर टिप्पणी के लिए टीएमसी मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने की बर्खास्त करने की मांग
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्यपाल ला गणेशन को पत्र लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर अपनी टिप्पणी के लिए टीएमसी मंत्री अखिल गिरि को बर्खास्त करने की मांग की।
अखिल गिरि ने दी सफाई
राष्ट्रपति पर अभद्र टिप्पणी के बाद टीएमसी नेता अखिल गिरि ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, मैं राष्ट्रपति का सम्मान करता हूं। मैंने किसी का नाम नहीं लिया था। मैं सुवेंदु अधिकारी को जवाब दे रहा था। उन्होंने कहा था कि मैं दिखने में खराब हूं। मैं एक मंत्री हूं, मैंने पद की शपथ ली है, अगर मेरे खिलाफ कुछ कहा जाता है तो यह संविधान का अपमान होगा। उन्होंने कहा, मैंने सिर्फ राष्ट्रपति पद का नाम लिया था, मैंने किसी का नाम नहीं लिया था। अगर भारत के राष्ट्रपति को इससे बुरा लगा हो तो मैंने इसके लिए माफी मांगता हूं।
टीएमसी ने किया किनारा
ममता सरकार में मंत्री अमन गिरि की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी के बाद टीएमसी ने किनारा कर लिया है। टीएमसी सांसद शांतनु सेन ने कहा है कि ममता बनर्जी महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं। इसलिए ऐसी टिप्पणी का समर्थन करने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा, मंत्री को अपनी गलती का अहसास हुआ है और उन्होंने सोशल मीडिया पर इसके लिए माफी भी मांगी है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेताओं को पश्चिम बंगाल की राजनीति में कोई जन समर्थन नहीं है। वे गिद्धों की तरह हैं और इस प्रकार की गंदी राजनीति पर ही जीवित रह सकते हैं।