ममता बनर्जी ने बोलपुर स्थित अमर्त्य सेन के आवास पर जाकर उनके मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यह भी घोषणा की कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री को भविष्य में 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। बनर्जी ने कहा कि अमर्त्य सेन के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोप निराधार हैं। यह उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने का प्रयास है।
विश्व भारती द्वारा नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रख्यात अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के खिलाफ जमीन कब्जा करने के लगाए गए आरोपों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका बचाव किया है। सोमवार को ममता बनर्जी ने भूमि संबंधी दस्तावेज उन्हें सौंपे। इस दौरान सीएम बनर्जी ने उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। वहीं, आज सीएम ने साल्ट लेक में 46 वें अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन भी किया। उद्घाटन के मौके पर उन्होंने दावा किया कि आज अभिव्यक्ति की आजादी पर लगाम लगाकर नफरत को हवा दी जा रही है।
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ममता बनर्जी ने बोलपुर स्थित अमर्त्य सेन के आवास पर जाकर उनके मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने यह भी घोषणा की कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री को भविष्य में 'जेड प्लस' श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। बनर्जी ने कहा कि अमर्त्य सेन के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोप निराधार हैं। यह उनकी प्रतिष्ठा को खराब करने का प्रयास है। किसी को भी उनका अपमान करने का अधिकार नहीं है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि मैं विश्वभारती का सम्मान करती हूं, लेकिन प्रतिष्ठित संस्थान के भगवाकरण के प्रयास निंदनीय हैं।
दरअसल, विश्वभारती ने पिछले हफ्ते नोबेल विजेता अर्थशास्त्री सेन से को एक पत्र लिखा था। इसमें उनसे कहा गया था कि वे उस जमीन को तुरंत विश्वविद्यालय को सौंप दें, जिस पर शांति निकेतन में कथित तौर पर उनका कब्जा है।
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लोकतंत्र की रक्षा के लिए उठाएं सवाल- ममता बनर्जी
46 वें अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन करने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि बोलने की आजादी को खत्म करने और नफरत को हवा देने की कोशिश की जा रही है। इस दौरान उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मुझे दुख होता है जब मैं कुछ लोगों को नफरत फैलाने, नकारात्मकता फैलाने की कोशिश करते देखती हूं। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल और यहां होने वाले कार्यक्रमों जैसे वार्षिक पुस्तक मेले में विविधता और शांति के साथ युद्ध और आक्रामकता के बीच एकता का जश्न मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर हमें लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठानी चाहिए। हमें अपने मूल इतिहास को नष्ट करने के किसी भी प्रयास के बारे में जागरूक होना चाहिए।