केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तीन आईपीएस अधिकारियों को तत्काल कार्य मुक्त करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा है कि आईपीएस कैडर नियमों के मुताबिक, विवाद की स्थिति में राज्य को केंद्र का कहना मानना होग। उन्होंने कहा कि तीन आईपीएस अधिकारियों को पहले ही जिम्मेदारियां दे दी गई हैं, जिनमें भोलानाथ पांडे को बीपीआरडी का एसपी बनाया गया है। प्रवीण त्रिपाठी को एसएसबी के डीआईजी के तौर पर नियुक्ति दी गई है जबकि राजीव मिश्रा को आईटीबीपी का आईजी नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विरोध, अच्छी परंपरा नहीं
ममता सरकार के रुख परकेंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से लगातार तीन आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विरोध करना अच्छी परंपरा नहीं है।उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच संघर्ष लोकतंत्र को कमजोर करता है।
छत्तीसगढ़ में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री पटेल से तीन आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अपने समकक्ष ममता बनर्जी को समर्थन देते हुए केंद्र के विरोध करने को लेकर सवाल पूछा गया। इसके जवाब में पटेल ने कहा, यदि कोई राज्य कहता है कि वह अपने अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नहीं भेजेगा, तो मुझे लगता है कि यह अच्छा संकेत नहीं है, यह अच्छी परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि चोह वह केजरीवाल हों या फिर ममता बनर्जी मैं कहना चाहूंगा कि इस तरह की झड़पें भारतीय लोकतंत्र मजबूत नहीं करेंगी बल्कि लोकतंत्र को कमजोर करेंगी।