पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में विपक्षी राजनीतिक दलों की महारैली में मोदी सरकार पर जमकर बरसीं। ममता ने दावा किया कि राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज और नितिन गडकरी को भाजपा में नजरअंदाज किया गया, अगर पार्टी लोकसभा चुनाव जीतती है तो उन्हें फिर से नजरअंदाज किया जायेगा। राजनीति में शिष्टता होती है लेकिन भाजपा इसका पालन नहीं करती है, जो भाजपा के साथ नहीं हैं उन्हें चोर बता दिया जाता है। ममता ने आगे कहा कि मोदी सरकार की ‘एक्सपायरी डेट’ खत्म हो गयी है। ममता ने रैली में नया नारा भी दिया, ममता ने कहा कि ‘बदल दो, बदल दो, दिल्ली की सरकार बदल दो’
ममता बनर्जी ने विपक्षी ऐकता कि लिए राजनीतिक दलों की महारैली बुलाई है। इस रैली का उद्देश्य केंद्र की मोदी सरकार को हटाना और विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन दिखाना है। साल की शुरुआत में विपक्षी एकता का यह पहला मौका है। इस रैली में शामिल होने के लिए कई दिग्गज नेता पहुंचे हैं। जिसमें पूर्व पीएम देवेगौड़ा, तीन मुख्यमंत्री- चंद्रबाबू नायडू, एचडी कुमारस्वामी और अरविंद केजरीवाल, 6 पूर्व मुख्यमंत्री- अखिलेश यादव, फारुख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, बाबूलाल मरांडी, मायावती (उनके प्रतिनिधि सतीश मिश्रा हिस्सा लेंगे) और गेगांग अपांग और 5 पूर्व केंद्रीय मंत्री- शरद यादव, शरद पवार, यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और राम जेठमलानी हैं। इसके अलावा भाजपा के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी रैली में पहुंचे हैं।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि हमारे गठबंधन में सभी नेता हैं। भाजपा चाहे जितना कहे उसके अच्छे दिन अब आने वाले नहीं हैं। अच्छे दिन अब कभी नहीं आने वाले हैं। आप लोगों ने किसी की परवाह नहीं की। आपने मौका खो दिया। दिल्ली की सभी सीटों पर भाजपा हार जाएगी। हम दंगे फसाद नहीं होने देंगे। मोदी सरकार ने सीबीआई के लिए सम्मान खत्म कर दिया। भाजपा हर पार्टी को रुपये देकर तोड़ना चाहती है उसे हटाना हमारे मकसद में है। भाजपा ने अपने ही नेताओं को इज्जत नहीं दी। ममता ने आगे कहा कि त्याग का नाम है हिंदू। ईमान का नाम है मुसलमान। हमारे साथ 23 पार्टी हैं जो भाजपा के खिलाफ हैं। हम चाहेंगे जो भाजपा के साथ नहीं हैं वह भी चुनाव से पहले हमारे साथ आ जाएं।'