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'नेताजी का अपमान कर रहे हैं': भाजपा पर भड़कीं ममता बनर्जी, बोलीं-देश के लिए लड़ने वालों को कभी नहीं भूलेंगे

Tue, 11 Aug 2026 05:47 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, कोलकाता।

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य राष्ट्रीय नायकों के अपमान का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगी और उनके सम्मान के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी। 'दीदी' ने और क्या-क्या कहा? जानिए...
 
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ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर नेताजी का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को देश का सबसे महान नेता बताते हुए कहा कि भाजपा के लोग नेताजी के नाम पर उन्हें अपशब्द कह रहे हैं और उनका अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की टिप्पणी को स्वीकार नहीं करती और इसकी कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से वह नेताजी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंची हैं।

'जय हिंद' के नारे लगाए, देशभक्ति गीत भी गाया
ममता बनर्जी ने कहा कि देश के लिए लड़ने वाले लोगों के सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए, वह पीछे नहीं हटेंगी। दीदी ने कहा कि जिन लोगों ने मातृभूमि के लिए अपना जीवन कुर्बान किया, उनके स्वतंत्रता संघर्ष, वीरता और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने 'जय हिंद' के नारे भी लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी उन सभी लोगों को याद करती है जिन्होंने देश के लिए संघर्ष किया और अपना जीवन समर्पित किया।
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गांधी से लेकर गुरु गोबिंद सिंह तक का किया जिक्र
टीएमसी अध्यक्ष ने अपने संबोधन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथ कई अन्य व्यक्तित्वों का भी जिक्र किया। उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, रवींद्रनाथ टैगोर, मौलाना अबुल कलाम आजाद और गुरु गोबिंद सिंह समेत देश के लिए संघर्ष करने वाले सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि दी। ममता बनर्जी ने कहा कि देश के लिए लड़ने और बलिदान देने वाले लोगों का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो लोग इन महान व्यक्तित्वों की आलोचना या निंदा करते हैं, उनकी भी वह निंदा करती हैं।

'दिखावे के लिए कार्यक्रम नहीं करते'
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम आयोजित नहीं करती। उन्होंने कहा कि इन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति उनके मन में सच्चा सम्मान है और वह दिल से उन्हें याद करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। ऐसे लोगों के संघर्ष और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। अपने संबोधन के अंत में ममता बनर्जी ने देशभक्ति का संदेश देते हुए कहा, 'सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा।'

चोट से सीने में दर्द हुआ: ममता बनर्जी
दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने काफिले पर हमले को लेकर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान लगे एक बड़े ईंट-पत्थर के कारण उन्हें सीने में दर्द हुआ। शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद वे अपनी पार्टी के डिजिटल विंग के समर्थन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं।

क्या हुआ था? 
यह विवादित घटना रविवार को उत्तर 24 परगना के हालिशहर में उस समय घटी, जब ममता बनर्जी पुलिस हिरासत में मारे गए टीएमसी कार्यकर्ता बीरजू केवट के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रही थीं। रास्ते में उनके काफिले पर उग्र भीड़ की ओर से पथराव किया गया, साथ ही जूते, बोतलें और कीचड़ भी फेंका गया। इस दौरान उनके साथ पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन भी गाड़ी में मौजूद थे।
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घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य पुलिस का रवैया पूरी तरह एकतरफा हो चुका है और उसका ध्यान सिर्फ टीएमसी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। दूसरी ओर, भाजपा ने हमले में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए इसे हिरासत में हुई मौत के खिलाफ आम जनता का स्वाभाविक आक्रोश करार दिया है।
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