पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राणाघाट जिला पुलिस के साथ वर्चुअल बैठक के दौरान भाजपा और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर वैट कम करने की पीएम मोदी की अपील और बीएसएफ मुद्दे पर भी नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि कोई भी घटना घटने पर उसकी जांच करनी पड़ती है। क्या घटना है वो जांच के आधार पर तय की जाती है। बंगाल में लोकतंत्र है जिस कारण से ज्यादा शिकायत दर्ज होती है, लेकिन उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश में शिकायत दर्ज करने नहीं दी जाती है। हमारे यहां कोई भी घटना घटती है और अगर वह सत्य है तो उस पर कार्रवाई की जाती है। मैंने भी लॉ पास किया है मैं भी कानून जानती हूं।
केंद्र को घेरा
केंद्रीय परियोजनाओं का नाम दूरस्थ क्षेत्रों में भाषा अवरोधों के कारण रखा गया है, जहां लोग केंद्र द्वारा दिए गए नामों को नहीं समझ सकते हैं। किसी भी मामले में केंद्र राज्यों से वसूले गए करों के माध्यम से राज्यों को भुगतान करता है। फिर भी केंद्र द्वारा नियमित अंतराल पर देय राशि भी विधिवत नहीं दी जाती है।
पीएम मोदी पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत एकतरफा थी। हम उनसे सहमत नहीं हैं। हमने पेट्रोल पर एक रुपया प्रति लीटर सब्सिडी देने के लिए पिछले तीन वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। हम ईंधन की कीमत घटाने की केंद्र से मांग करते हैं।
हंसखाली की घटना पर यह कहा
हंसखाली की घटना कैसे घटी? इंस्पेक्टर इंचार्ज ने क्यों सही खबर नहीं रखी, उनकी लापरवाही से ये घटना घटी है। आपके जिले में कितने लोगों की मृत्यु हुई इसकी खबर तो रखनी होगी। पंचायत सर्टिफिकेट देती है हम जान भी नहीं पाते हैं। उन्होंने कहा कि आत्महत्या को दुष्कर्म का मामला बनाया गया। भाजपा और सीपीएम दोनों मिलकर बंगाल को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। हम बंगाल को हाथरस या उन्नाव नहीं बनने देंगे।
बीएसएफ मुद्दे पर भी बोलीं
ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि बीएसएफ को सीमा पर 50 किलोमीटर से अंदर नहीं घुसने दिया जाए। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि पशु तस्कर के नाम पर गोली चलाई जाती है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय में रहने के दौरान उन्होंने कई ऐसे मामले देखे हैं, जब मृतकों के शव को कैसे गायब कर दिया जाता था। उन्होंने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में कूचबिहार के जिलाधिकारी को यह निर्देश दिया। इससे पहले भी सीमा पर बीएसएफ का दायरा 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश का ममता बनर्जी ने काफी विरोध किया था।
न्याय के लिए 29 अप्रैल को राष्ट्रपति से मिलेगा वकीलों का प्रतिनिधिमंडल
पिछले साल पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल 29 अप्रैल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल में लायर्स फॉर जस्टिस संगठन से जुड़े 10 वकील शामिल होंगे। संगठन के संयोजक कबीर शंकर बोस ने पत्रकार वार्ता में कहा कि वह राष्ट्रपति से मिलकर पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि हिंसा पीड़ितों के परिवारों के समर्थन में शुक्रवार को पटियाला कोर्ट से तिलक मार्ग तक कैंडल लाइट मार्च निकाला गया। इस मार्च को दिल्ली के बाहर पश्चिम बंगाल तक ले जाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मीडिया से हिंसा पीड़ितों की तरफ ध्यान देने का अनुरोध किया।
गोवा में तृणमूल की हार के लिए प्रशांत किशोर जिम्मेदार: कंडोलकर
तृणमूल कांग्रेस की गोवा इकाई के प्रमुख किरण कंडोलकर ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया और आरोप लगाया कि हाल में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी की करारी शिकस्त के लिए चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर जिम्मेदार हैं, जिन्होंने कांग्रेस को भी ब्लैकमेल करने की कोशिश की। कंडोलकर ने दावा किया कि किशोर ने चुनाव के बाद भाजपा को सरकार बनाने में मदद पहुंचाई। कंडोलकर के अलावा तृणमूल कांग्रेस के दो अन्य नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया है जो पार्टी के चिह्न पर चुनाव लड़े थे। गोवा में चुनावी हार के बाद फिर से उठने की कोशिश कर रही तृणमूल कांग्रेस के लिए यह एक और झटका है।