पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि नोटबंदी से और कितने लोग मरेंगे मोदी बाबू। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन के एक ट्वीट को दोबारा पोस्ट करते हुए उक्त सवाल पूछा। ममता ने कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के खातों की हैकिंग का जिक्र करते हुए मोदी की डिजिटल इंडिया पहल को भी कटघरे में खड़ा किया है।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने सोमवार सुबह अपने एक ट्वीट में कहा था कि नोटबंदी के बाद बैंकों या एटीएम में कतार में खड़े होने से हुई मौतों या नकदी संकट के चलते कथित रूप से आत्महत्या करने वालों की तादाद 95 तक पहुंच गई है। इसी ट्वीट को दोबारा पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर नोटबंदी से और कितने लोग मरेंगे।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कई वरिष्ठ पत्रकारों की निजी जानकारियां हैक होने को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल के सुरक्षा पहलू के भी सवाल उठाए हैं। ममता ने दावा किया कि यह विरोध में उठने वाली आवाजों को दबाने व परेशान करने का प्रयास है। उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा कि पत्रकारों के बैंक व ट्वीटर खातों के हैक होने की खबरें सामने आ रही हैं। यह जनहित का नहीं बल्कि निजता के हनन का मामला है।
यह विरोध में उठने वाली आवाजों को दबाने का प्रयास है। ममता ने कहा कि सरकार हमसे डिजिटल होने को कहते हुए इसके सुरक्षित होने का दावा करती है। उनका सवाल है कि अगर यह उतना ही सुरक्षित है तो हैकरों की ओर से पत्रकारों के बैंक खातों का ब्योरा सार्वजनिक कैसे किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के डिजिटल इंडिया पहल की कलई उतर गई है।