उद्योगपति विजय माल्या पर 17 बैंकों का 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। इस मामले में वह जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ नोटिस जारी कर दिया है। लेकिन बतौर राज्यसभा सांसद उम्मीदवार उनकी ओर से दाखिल किया गया हलफनामा कुछ और ही तस्वीर पेश करता है।
माल्या ने जून 2010 में चुनाव आयोग के सामने जो हलफनामा पेश किया था उसके मुताबिक उनके पास कुल 615 करोड़ रुपए की संपत्ति थी। इसमें उन्होंने बताया था कि उनके पास न तो कोई घर है और नहीं कोई देनदारी। इतना ही नहीं उनके पास कैश के नाम पर महज 9,500 रुपए ही थे। उनकी घोषित संपत्तियों में कुछ अन्य चीजें भी थीं जिनमें एक फरारी कार, गहनें और बॉन्ड एंड डिबेंचर्स थे।
चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे और आज की परिस्थिति में माल्या की स्थिति को देखा जाए तो जमीन आसमान का अंदर है। हलफनामे में उन्होंने किसी भी देनदारी की जिक्र नहीं किया था लेकिन आज उनके ऊपर 9 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की देनदारी बकाया है।
इतना ही माल्या के गोवा, मुंबई, अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन में घर भी हैं लेकिन इस बारे में भी उन्होंने गलत हलफनामा दाखिल किया था। इसमें सबसे आश्चर्य की बाद तो ये है कि हलफनामें में उन्होंने साफ लिखा था कि उनके ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी और बच्चों के नाम से भी कोई मकान नहीं है।