परचा भरते ही विवाद : थरूर के घोषणा पत्र में गलत नक्शा
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल करते ही वरिष्ठ नेता शशि थरूर विवादों में घिर गए। थरूर ने नामांकन के तुरंत बाद अपना घोषणा पत्र जारी किया जिसमें उन्होंने भारत का खंडित नक्शा दिखाया। इस नक्शे में जम्मू कश्मीर का कुछ भाग और लद्दाख को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया। थरूर ने घोषणा पत्र में संगठन के विकेंद्रीकरण की बात की है।
थरूर ने हालांकि पता चलते ही इस गलती को सुधार किया और सही नक्शे वाले घोषणा पत्र को दोबारा जारी किया। यह पहला मौका नहीं है जब लोकसभा सांसद ने भारत का खंडित नक्शा जारी किया है। इससे पहले 2019 में थरूर ने एक खंडित नक्शा ट्वीट किया था जिससे देश का सबसे उत्तरी क्षेत्र गायब था। दिसंबर 2019 में, उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ केरल कांग्रेस के विरोध के बारे में एक पुस्तिका का कवर साझा किया। बाद में अपनी गलती सुधारते हुए उन्होंने ट्वीट को हटाया था।
क्या खरगे पर भी लागू होगा ‘एक व्यक्ति-एक पद’
क्या एक व्यक्ति एक पद खरगे पर भी लागू होगा। इस फार्मूले के तहत अशोक गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहा गया था। ऐसे में क्या नामांकन दाखिल कर चुके खरगे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देंगे?
भाजपा ने कहा, गांधी परिवार को खुश करने के लिए थरूर ने भारत का खंडित नक्शा रखा
घोषणा पत्र में भारत का खंडित नक्शा रखने के मामले में हमला बोलते हुए भाजपा ने कहा, शशि थरूर ने गांधी परिवार को खुश करने के लिए ऐसा किया। अमित मालवीय ने कहा, जहां राहुल गांधी कथित तौर पर भारत जोड़ी यात्रा पर हैं, वहीं कांग्रेस के अध्यक्ष बनने के लिए मैदान में उतरे थरूर भारत को तोड़ने पर तुले हुए हैं। संभव है कि उन्हें लगता है कि इससे गांधी परिवार का पक्ष लेने में मदद मिल सकती है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, यह कोई गलती नहीं है बल्कि जम्मू-कश्मीर के बारे में कांग्रेस की नीति है।