कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी की वजह से ही उनके जैसा विनम्र पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति लंबा राजनीतिक करियर बना सका और विधायक और सांसद बना। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने उन्हें कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर काम करने का मौका दिया जो एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है।
तेलंगाना के मनचेरियल में शुक्रवार रात 'जय भारत सत्याग्रह सभा' को संबोधित करने वाले खरगे ने कहा कि अगर इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी ने उनके जैसे 'गरीब आदमी' को प्रोत्साहित नहीं किया होता तो वह सांसद नहीं होते।
केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को नोटिस दिया गया और 2019 के मानहानि मामले में उनकी सजा के 24 घंटे के भीतर लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया, गुजरात के एक भाजपा सांसद को एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बावजूद अयोग्य नहीं ठहराया गया। खरगे ने हालांकि गुजरात के सांसद का नाम नहीं लिया।
कांग्रेस प्रमुख ने नरेंद्र मोदी सरकार पर सार्वजनिक क्षेत्र को कमजोर करने और वादे के मुताबिक करोड़ों नौकरियां पैदा नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने तेलंगाना में बीआरएस सरकार पर भी निशाना साधा और उस पर दलितों को तीन एकड़ जमीन उपलब्ध कराने समेत अपने वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।
लोग अंबेडकर को भूल रहे हैं
डॉ बी आर अंबेडकर की जयंती पर उनके योगदान की सराहना करते हुए खरगे ने कहा कि यह संविधान निर्माता की वजह से है कि दलितों और महिलाओं को मतदान का अधिकार मिला। खरगे ने कहा कि आज, कुछ लोग अंबेडकर को भूल रहे हैं, जबकि वे दलितों का नाम लेते हैं। कोई अंबेडकर की मूर्ति बनाता है जो 15 फुट ऊँची है, कोई 20 फुट ऊँची मूर्ति बनाता है, कोई 125 फुट ऊँची मूर्ति बनाता है, लेकिन कोई भी गरीबों के लिए काम नहीं करता है।
लोगों के प्रमाण पत्र की परवाह करते
केंद्रीय राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी को विपक्ष से किसी भी प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। भाजपा पर जनता का विश्वास है और लोगों के प्रमाण पत्र की परवाह करते है।
उन्होंने कहा कि, विपक्षी नेता कहते है कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि संविधान को कोई खतरा नहीं है। लेकिन विपक्षी दलों को पहचान का खतरा है। ये पार्टियां वंशवादी और भ्रष्ट हैं, इन्होंने देश के गरीबों का पैसा लूटा है। आज उनकी पहचान संकट में है, इसलिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। हमें विपक्षी नेताओं के किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। हम देश के गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं, और देश के 130 करोड़ लोगों के प्रमाण पत्र की चिंता है। भाजपा नेता ने आगे कहा कि सरकार भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को संविधान के दायरे में चला रहे हैं, हम गरीबों की सेवा करते हैं। शहरों एवं गांवों में बुनियादी ढांचा और देश में निवेश लाना चाहते हैं। भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, और सरकार वंशवादी राजनीति या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, विपक्षी दलों द्वारा एक साथ आने के सभी प्रयासों के बावजूद, मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि भाजपा फिर से सत्ता में लौटेगी। अगर इन वंशवादी और भ्रष्ट पार्टियों के हाथों में देश आया तो यह देश बर्बाद हो जाएगा।